Category Archives: रूट लेवल

क्या चुनावी लड़ाई के लिए नीतीश ‘बी प्लान’ पर काम कर रहे हैं ?

आलोक नंदन दिन के ढाई बज रहे थे। कुछ युवा कार्यकर्ता पटना स्थित जदयू कार्यालय के सामने खड़े होकर ‘नीतीश कुमार जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे। उमस भरी गर्मी थी। काले बादलों का एक टुकड़ा आसमान में लटका हुआ … विस्तार से पढ़ें

Posted in रूट लेवल | Leave a comment

सिविल सेवा परीक्षा विवाद का औचित्य

धर्मवीर कुमार, जमशेदपुर । संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा के वर्तमान पैटर्न का विरोध कर रहे हजारों छात्रों की अघोषित मांग  अगर यह है कि इस परीक्षा में बैठने वाले सभी परीक्षार्थियों,  कम से हिंदी भाषी सभी … विस्तार से पढ़ें

Posted in रूट लेवल | Leave a comment

भाषण कला में कमजोर पड़ते राहुल

अब तक दुनिया में जितने में भी बेहतरीन लीडर हुये हैं, उनकी एक खास विशेषता रही है भाषण कला में निपुणता। प्राचीन यूनानी सभ्यता में तो राजनीति में हाथ आजमाने के इच्छुक युवाओं के लिए विधिवत भाषण कला सीखने की … विस्तार से पढ़ें

Posted in रूट लेवल | Leave a comment

लूट के नए-नए तरीके अपना रही बिहार सरकार

विनायक विजेता, वरिष्ठ पत्रकार। भाड़ा चुकाने के पैसे हैं, पर सरकारी गाड़ी खरीदने के नहीं नीतीश कुमार के राज वाला ‘बनता-बढ़ता बिहार’ के विकास और सरकारी कोष का यह़ हाल है कि सरकार को उच्च पदस्थ अधिकारियों के सरकारी काम … विस्तार से पढ़ें

Posted in रूट लेवल | Leave a comment

थोड़ा है थोड़े की जरूरत है…

वे जानते हैं समाज के ठोस तान-बाने को बुनना। परस्पर सहयोग की पुख्ता नीतियां। अपनी नीतियों से आर्थिक प्रबंधन भी। न्याय की शिक्षा। आपसी विश्वसनीयता के मापदंड। स्वीकारने की सहजता…। यह विशेषताएं मप्र में पाई जाने वाली जनजातियों की हैं, … विस्तार से पढ़ें

Posted in रूट लेवल | Leave a comment

पढ़े-लिखों का अनपढ़ भारत

युवाओं का देश कहे जाने वाले भारत में हर साल 30 लाख युवा स्नातक व स्नातकोत्तर की पढाई पूरी करते है. इसके बावजूद देश में बेरोजगारी दिन दूनी-रात चौगनी बढ़ रही है. सालाना बढती शिक्षित बेरोजगारों की तादाद भारतीय शैक्षणिक … विस्तार से पढ़ें

Posted in रूट लेवल | Leave a comment

नेहरू… तानाशाही…..और मोदी

तब क्या होगा जब लोगों का नजरिया बदल जाए? महान और अच्छे काम की तमाम क्षमताओं के बावजूद जवाहरलाल जैसे लोग लोकतंत्र के लिए भरोसे के नहीं होते…. दिमाग दिल का गुलाम होता है और तर्क व्यक्ति की इच्छाओं और … विस्तार से पढ़ें

Posted in रूट लेवल | Leave a comment

‘रोशनी हादसे’ पर खामोश जेएनयू

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय सकते में है। जेएनयू की कोरियाई लैंग्वेज की छात्रा रोशनी प्रिया पर कातिलाना हमले करने वाला आकाश मर चुका है और रोशनी प्रिया दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत और जिंदगी के बीच झूल रही है। जिस … विस्तार से पढ़ें

Posted in रूट लेवल | Leave a comment

‘पोर्न’ के सामने बेबस सरकार

एक ओर केंद्र सरकार सोशल मीडिया पर लगाम लगाने के लिए कमर कस रही है, वहीं दूसरी ओर पोर्न साइट्स पर प्रतिबंध लगाने में खुद को अक्षम मान रही है। हाल ही में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित … विस्तार से पढ़ें

Posted in रूट लेवल | Leave a comment

‘उग्र राष्टवाद’ की लहर पर सवार मोदी

एडोल्फ हिटलर ने अपनी पुस्तक ‘मीन कैंफ’ में लिखा है, ‘कोई व्यक्ति धन और संपत्ति के लिए अपनी जान देने के लिए तैयार नहीं होता है। लेकिन लोग अपने स्थापित मूल्यों और राष्टÑ के लिए मरने-मारने को तैयार हो जाते … विस्तार से पढ़ें

Posted in रूट लेवल | Leave a comment