Category Archives: सम्पादकीय पड़ताल

मिड डे मिल: भूख से मौत का निवाला बन गये मासूम

अनिता गौतम, धर्मासती गंडामन गांव के तकरीबन दो दर्जन बच्चों की अकाल मौत और उनके परिजनों की चीत्कार आम इंसान के रूह को कंपा दे रही है। इसी में राजनेताओं की बयान बाजी और अपना दामन बचाने के तरीके से … विस्तार से पढ़ें

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मामला मगध विश्वविद्यालय के बारह प्रचार्यो की नियुक्ति का

विनायक विजेता, वरिष्ठ पत्रकार| पूर्व राज्यपाल के सलाहकार के इशारे पर हुई उगाही मामला मगध विश्वविद्यालय के बारह प्रचार्यो की नियुक्ति का रुपये वसूलने वाला प्रेमचंद है एक पूर्व सांसद का करीबी एलीफिस्टन सिनेमा हॉल के मालिक भी जांच के … विस्तार से पढ़ें

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बिहार की राजनीती में गठबंधन और मान-मनौव्वल

विनायक विजेता, वरिष्ठ पत्रकार. * नरेन्द्र मोदी को बिहार में चुनाव प्रचार न करने का फेक सकते हैं पासा *  इस शर्त पर गठबंधन में हो सकता है मान-मनौव्वल *  नीतीश को छोड़कर जदयू का कोई एमपी नहीं चाहता गठबंधन … विस्तार से पढ़ें

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परिवर्तन रैली: नेतृत्व परिवर्तन या लालू प्रसाद का हृदय परिवर्तन

यूं तो बिहार पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान सबसे ज्यादा रैलियों का गवाह रहा है, पर अगर इसकी समीक्षा की जाये तो जो बात निकल कर सामने आती है उसके अनुसार इनमें से ज्यादातर रैली राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद के … विस्तार से पढ़ें

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नीतीश के मायने !

अनिता गौतम सारी दुनिया एक तरफ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक तरफ। फिलहाल की स्थिति और उनकी बिहार के लिए समर्पित कार्यशैली से तो यही साबित हो रहा है। न्याय के साथ विकास का वादा कितना दावा में बदलता … विस्तार से पढ़ें

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मोदी बनाम गुमनाम का पीएम कुर्सी वार

विकास कुमार गुप्ता// हालिया भाजपा की राष्ट्रीय परिषद बैठक में नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति ने पीएम कुर्सी  द्वंद के बादल और भी गहरे कर दिये हैं। बहुत समय से भाजपा में कद के लिए द्वंद जारी है। भाजपा के किले … विस्तार से पढ़ें

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शिक्षकों को लेकर सांप और छछूंदर की स्थिति में नीतीश हुकूमत

नियोजित शिक्षकों (ठेकेदारी प्रथा पर रखे गये) को लेकर बिहार में नीतीश सरकार की स्थिति सांप और छछूंदर वाली हो गई है, न उगलते बन रहा हैं और न निगलते। नीतीश कुमार की विकास यात्रा की हवा निकालने के बाद … विस्तार से पढ़ें

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काटजू के बयान पर बिहार सरकार की बौखलाहट

हर हमेशा विवादों में रहने वाले और अपने नीतीश विरोधी बयानों की बजह से जस्टिस काटजू पिछले कई दफा बिहार की मीडिया के लिए खबर बनते रहे हैं। जब कभी उन्हें मौका मिलता वे नीतीश के सुशासन पर सवाल खड़े … विस्तार से पढ़ें

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आंदोलनों का गर्भपातगाह बना हुआ है दिल्ली!

पिछले कुछ अरसे से दिल्ली आंदोलनों का गर्भपातगाह बना हुआ   है। पहले अन्ना आंदोलन, फिर बाबा रामदेव का आंदोलन, फिर अरविंद केजरीवाल का आंदोलन, फिर गैंग रेप से उठा स्वत: आंदोलन ! हर बार यही अहसास कराया गया कि बस इंकलाब … विस्तार से पढ़ें

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राहुल गांधी : अमूल बेबी या कांग्रेस के अभिमन्यु ?

भाजपा ने कभी राहुल गांधी को अमूल बेबी कहा था। कांग्रेस द्वारा मिशन 2014 के लिए कांग्रेस समन्वय समिति का अध्यक्ष बनाये जाने के बाद भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने उन्हें शादी का दुल्हा बताया है, वैसा युवा जिसे ठेल-ठेल … विस्तार से पढ़ें

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