Category Archives: नेचर

जीवन का नया नायक : पैसा

दुर्गेश सिंह, मुंबई कहानी में एक एनआरआई इंजीनियर (लाख रूपए महीने के कमाने वाला) है, जो 1992 में बनी एक फिल्म ‘द साइलेंस ऑव लैंब देखता है, फिल्म चूंकि एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर है, जिसे देखकर वह इस हद तक उद्विग्न … विस्तार से पढ़ें

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कहीं डायनासोर की तरह विलुप्त न हो जाये हाथी मेरे साथी

नीतीश कुमार, पटना वर्षों पहले हाथी मेरे साथी नामक एक फिल्म काफी पॉपुलर हुई थी। इसमें आदमी और हाथी की दोस्ती की कहानी कही गई थी। लेकिन लगता है इंसान ने अपने इस दोस्त से मुंह फेर लिया है। हाथी … विस्तार से पढ़ें

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पर्यटन उद्योग को नया आयाम दे रहा है आल गर्ल गेट अवे का चलन

संजय मिश्र, नई दिल्ली पहाड़ों की वादियाँ…. कल कल करते झरने…. और पास ही छोटा सा घर। लोगों से दूर….उस आबोहवा से दूर जहां बीते सालों की करवट मध्यम पड़ जाए….और इस घर में हो साजन का साथ……. ऐसे ही … विस्तार से पढ़ें

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