वतन की राह पर दिव्य दृष्टि

 

नई दिल्ली, दिव्य दृष्टि सेवा सोसाइटी ने हिन्दी भवन के सभागार में बच्चों द्वारा प्रदर्शित एक खूबसूरत कार्यक्रम “वतन की राह पर” प्रस्तुत किया । गीत,संगीत,पारंपरिक नृत्य और फिल्मी गीतों पर पूरा सभागार झूमता रहा। इस क्रार्यक्रम के मुख्य अतिथि संतोष आनंद ने अपने दार्शनिक अंदाज में एक कवि और गीतकार का वह स्वरूप दिखाया जिसने वहां उपस्थित हर शख्स की संवेदना को जगा दिया । वहीं ऐवरेस्ट की ऊंचाई छूने वाली संतोष यादव ने बच्चों को दृढ़संकल्पता के साथ सहजता से आगे बढ़ने का संदेश दिया। चैनलों में एक भबिष्यवक्ता और खगोल शास्त्री के रूप में काफी प्रसिद्घि प्राप्त कर रहे पवन जी पूरे क्रार्यक्रम के आकर्षण केंद्र थें। टीवी की दुनिया से अलग खुद को बहुत ही सहज रूप में उन्होंने प्रस्तुत किया।

    “एक प्यार का नगमा है,मौजों की रवानी है,

जिंदगी और कुछ भी नहीं, तेरी मेरी कहानी है”।

इस अमर गीत को लिखने वाले संतोष आनंद मंच पर खड़े थे और इस गीत को बजाया गया तो दर्शकों के आगे इतिहास नाच रहा था और संतोष आनंद जी की आंखों से आंसू छलक रहे थे। इसके बाद उन्होंने अपने ही लिखे गीत,

    “जिंदगी की ना टूटे लड़ी, प्यार कर लो घड़ी दो घड़ी,

  जीने मरने की किसको पड़ी, प्यार कर लो घड़ी दो घड़ी,”

को एक बहुत ही उत्साहपूर्ण अंदाज में गाया और इसके उन बोलों को भी उन्होंने रखा जो गीत के साथ नही जोड़े गए थे। यह महान रचनाकार  उस पल रो पड़ा जब वह, ‘वतन की राह पर, वतन के नौजवां शहीद हों’ सुना रहे थे।

      प्रवीन एवं टीम ने स्वागत गान गाए। जिसके बाद शील मधुर जो हरयाणा पुलिस में एक बड़े अधिकारी हैं के वीडियो एलबम के गीत ,”जब भी गिरेंगे, फिर सम्भलेंगे”  दिखाए गए, जिनको फिर मंच पर बुलाया गया। इन्होंने अलग हट कर सोचने और  चारों तरफ ईमानदारी का वातावरन तैयार करने की बात कही। छोटी और प्यारी सी शैली ने बहुत ही प्यारा सा पारंपरिक नृत्य , “मधुबन में राधिका नाचे रे , गिरधर की मुरलिया बाजे रे” प्रस्तुत  किया। अमन का ब्रेक डांस, सचिन द्वारा, ‘हवाओं ने ये कहा’ और शुभम जैन का रिमिक्स प्रदर्शन दर्शकों को झूमाते रहे। प्रमोद शर्मा की कविता “मैं भारत, भारत माता, लूटती अस्मत मेरी गाथा” ने दर्शकों को प्रभावित किया।

  विकास ने बहुत ही अच्छी आवाज में, “लिखे जो खत तूझे वो तेरी याद” में गाना गाया। यशिका का ‘आ जा नच ले’ गाने पर जबर्दस्त डांस भी कुछ पल के लिए अलग ही मस्ती का माहौल बना रहा था। रंजनी त्यागी और आनंद मंच संचालन कर रहे थे जिन्होने सभागार के उत्साह तथा कलाकारों के हौसलों को अपने अंदाज और शब्दों से हमेशा उपर उठाए रखा।

इस सोसाइटी की अध्यक्ष स्वेता आनंद और सचिव शैली आनंद ने अनिता शर्मा पार्षद सहीत अन्य गणमान्य लोंगों का स्वागत किया तथा अपने अच्छे प्रर्दर्शनों के लिए बच्चों को पुरस्कार भी दिए गए।

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One Response to वतन की राह पर दिव्य दृष्टि

  1. sumit says:

    nice event……!!

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