एक साक्षात्कार: गोविंद यादव,अध्यक्ष जदयू मध्य प्रदेश (भाग-1)

परिवर्तन और न्यायपूर्ण व्यवस्था  निर्माण का माध्यम है राजनीति : गोविंद
जनता दल ( यूनाईटेड ) , मध्य प्रदेश ईकाई के अध्यक्ष गोविंद यादव आज समाजवादी विचारधारा के एक मजबूत विचारक और संधर्षशील योद्धा के रुप में अपनी पहचान के साथ परिवर्तन की राजनीति की राह पर लड़ाई लड़ते हुए तेजी से आगे बढ़ रहे हैं । छात्र राजनीति से अपने संघर्ष को शुरु करने वाले गोविंद यादव  युवा जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष  रहे और अपने रचनात्मक विचारों और राजनीतिक अभियानों से युवा राजनीति को एक नई दिशा दी। अपने अलग तेवर और अंदाज के लिए प्रसिद्ध गोविंद एक ऐसे राजनीतिज्ञ के रुप में जाने जाते हैं जो जमीनी हकीकत से रु – ब- रु है और साथ ही कल्पना और विचार की एक लंबी उड़ान भी जिसके आगोश में सिमटे हैं। बड़े विचारों के साथ आम जीवन की खुशहाली के संघर्ष का दुसरा नाम है गोविंद । प्रस्तुत है गोविेद यादव से तेवर ऑनलाईन के प्रबंध संपादक अविनाश नंदन शर्मा की एक लंबी बातचीत का भाग – 1

तेवर ऑनलाईन -    आपके लिए राजनीति क्या है ?

गोविंद : मेरी नजर में राजनीति परिवर्तन और न्यायपूर्ण व्यवस्था  निर्माण का माध्यम है।

तेवर ऑनलाईन -    आपके राजनीतिक जीवन की शुरुआत कब और कहां से होती है ?

गोविंद : मैंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से1986 में जबलपुर , मध्य प्रदेश से की। उस समय मैं बी.ए.सी. प्रथम वर्ष में साइंस कॉलेज (रॉबर्टसन कॉलेज) , रानी दुर्गावती विश्विद्यालय का छात्र था। मैंने छात्र समस्याओं को लेकर आंदोलन और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से संघर्ष प्रारंभ किया।

तेवर ऑनलाईन -    ऐसे कुछ ऐतिहासिक व्यक्तित्व जिनके विचारों और कार्यों ने आपके जीवन पर गहरा प्रभाव बनाया है ?

गोविंद : महात्मा गांधी , कार्ल  मार्क्स  , राम मनोहर लोहिया और जय प्रकाश नारायण के व्यक्तित्व और विचारों ने मेरे अंदर समाजवादी विचारधारा के प्रति आकर्षण पैदा किया।

तेवर ऑनलाईन -    अगर आज आप एक राजनीतिज्ञ नहीं होते तो क्या और कहां होते ?

गोविंद : मैं एक वैज्ञानिक या चिंतक और दार्शनिक होता , साथ ही एक शिक्षक की भूमिका निभाता।

तेवर ऑनलाईन -    एक राजनीतिक जीवन की चरम सफलता क्या है ?

गोविंद : एक राजनीतिक जीवन की चरम सफलता है खुशहाल और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के लक्ष्य को हासिल करना।

तेवर ऑनलाईन -    आज देश और लोगों की सबसे बड़ी समस्या क्या है ?

गोविंद : आज हमारे सामने सबसे बड़ी समस्या है गैर – बराबरी , अवसरों एवं संसाधनों का विषमतापूर्ण वितरण जिसके कारण समाज में अमीरी – गरीबी की खाई बढ़ती जा रही है।

तेवर ऑनलाईन -    आज युवा राजनीति की कौन – सी भूमिका आप देखते हैं ?

गोविंद : युवाओं को परिवर्तन की भावना से संकल्पित हो कर व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई की धुरी बन कर नेतृत्व करना चाहिए जिसमें समाज के सभी वर्गों की भागीदारी हो।

तेवर ऑनलाईन -    आज की छात्र – राजनीति किस दिशा में बढ़ रही है ?

गोविंद : आज की छात्र राजनीति दिशाहीनता और वैचारिक शून्यता का शिकार है। छात्रों को अपने जीवन और अपने सपनों के साथ जिस राष्ट्र एवं दुनिया के नागरिक हैं उसके सपनों को साकार करनें के लिए सोचना और जीना चाहिए तभी उनका अपना जीवन भी खुशहाल होगा। साथ ही एक खुशहाल राष्ट्र के साथ खुशहाल दुनिया के निर्माण में योगदान कर सकेंगे।

तेवर ऑनलाईन -    क्या देश में भ्रष्टाचार एक बड़ा मुद्दा है , हां तो कैसे , नहीं तो कैसे ?

गोविंद : भ्रष्टाचार गंभीर राष्ट्रीय एवं विश्वव्यापी समस्या है , यह कई स्वरुप में है और इसके कई स्वरुपों पर समग्रता से बहस कर समूल रुप से नष्ट करने की कार्य योजना बनाना चाहिए। व्यक्तिक , सांस्कृतिक , राजनीतिक , आर्थिक एवं नैतिक भ्रष्टाचार विद्यमान हैं। इन सभी स्वरुपों पर बहस कर समाज को एक नैतिक जन- दबाव बनाकर इसे नष्ट करने की पहल करना चाहिए। यह सिर्फ कानून की समस्या नहीं है। यह एक सामाजिक , सांस्कृतिक , राजनीतिक , अध्यात्मिक एवं नैतिक समस्या है।

तेवर ऑनलाईन -    समाजवाद और साम्यवाद में क्या अंतर है ?

गोविंद : समाजवाद न्याय और बराबरी के आधार पर दर्शन है जो राज्य के अस्तित्व को भी स्वीकार करता है। साम्यवाद भी न्याय और बराबरी के दर्शन को मानता है लेकिन राज्यविहीन समाज की वकालत करता है और राज्य को भी शोषण का कारक मानता है।

This entry was posted in यंग तेवर. Bookmark the permalink.

One Response to एक साक्षात्कार: गोविंद यादव,अध्यक्ष जदयू मध्य प्रदेश (भाग-1)

  1. Akanksha says:

    good thinking.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>