बीस लाख में बिकी पुलिस, कब्जा के बाद निर्माण कार्य शुरु किया भू-माफियाओं ने

कुछ इस अंदाज में की गई है घेराबंदी

तेवरआनलाईन, पटना

पटना में भू-माफिया किस तरह से संगठित है इसका अंदाजा पूर्व मुख्यमंत्री सत्येंद्र नारायण सिंह के घर के सामने स्थित आठ कट्ठे के प्लाट पर कब्जा करने के दौरान दिखा। मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी भी इन भू माफियाओं हक में काम कर रहे हैं। करोड़ों की इस जमीन पर कब्जा करने के लिए करीब 20 लाख रुपये इन अधिकारियों के बीच में बांटा गया है और पूरी प्लानिंग करके जमीन की घेराबंदी की गई है।

इस जमीन से जुड़े विवाद की सुनवाई पटना हाईकोर्ट की एक खंडपीठ द्वारा 12.10 .2011 की जाने वाली थी। गौरतलब है कि यह मामला हाई कोर्ट में लंबित है और अगली सुनवाई तक हाई कोर्ट ने यथास्थिति बनाये रखने को कहा है। लेकिन भू-माफियाओं ने इस जमीन पर कब्जा करने का प्लान काफी सोच समझ कर बनाया। शनिवार और रविवार को कोर्ट बंद रहता है। इसके बाद दुर्गा पूजा की लंबी छुट्टी है। इसे ध्यान में रखते हुये इन लोगों ने जमीन की जबरन घेराबंदी कर ली। दुर्गा पूजा के अवसर पर पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों की जेबे भर दी गई है, और फिर बड़ी संख्या में वहां पुलिस बल को तैनात कर दिया गया। पुलिसकर्मियों के अतिरिक्त बड़ी संख्या में गुंडो को भी भू – माफियाओं ने वहां खड़ा कर दिया था, जो जमीन की घेराबंदी का विरोध करने वालों को धमका रहे थे।

जिस जमीन की घेराबंदी की जा रही थी वहां पहले से ही कुछ झोपड़ीनुमा मकान बने हुये थे। भू –माफियाओं के गुंडों ने उन्हें वहां  तत्काल हटने का हुक्म देते हुये कहा कि वे लोग अपना नाम एक रजिस्टर में दिलवा दें। उनका जो भी नुकसान होगा भर दिया जाएगा। फिर देखते-देखते उनकी झोपड़ियों पर बुलडोजर चला दिया। उन्होंने जब विरोध करने की कोशिश की तो पुलिस और गुंडो ने एक साथ मिलकर उन्हें खदेड़ दिया।

फिलहाल ब्रिटेस्की बिल्डकाम प्राइवेट लिमिटेड और प्रशांत लुथड़ा द्वारा  जमीन के चारों ओर टीन की छावनी डाल दी गई है और अंदर निर्माण कार्य भी शुरु कर दिया गया है। ऐसा करते हुये ये लोग अदालती आदेश को भी ठेंगा दिखा रहे हैं। इनकी हरकतों को देखकर यही कहा जा सकता है कि पटना में अब मुंबई के तर्ज पर संगठित अपराध का दौर शुरु हो चुका है। कुछ दिन पहले जगदेव पथ में भी भू-माफियाओं को झुग्गी वालों की बीच जबरदस्त मारपीट हुई थी। जमीन पर कब्जा करने के उद्देश्य से आये भू-माफियाओं ने विऱोध करने पर झुग्गी वालों पर गोलियां चली दी थी। इसके बाद जबरदस्त हंगामा हुआ था। उस मामले में भी पुलिस पर भू-माफियाओं से पैसा लेने का आरोप लगा था।

भू –माफियाओं की पकड़ पुलिस के साथ-साथ यहां की मीडिया पर भी है। पूर्व मुख्यमंत्री सत्येंद्रि सिंह के मकान के सामने की विवादित जमीन के अगल-बगल में ही कई अखबारों और इलेक्ट्रानिक मीडिया के दफ्तर हैं। जिस दिन जमीन पर भू-माफिया कब्जा कर रहे थे, उस दिन वहां पर जबरदस्त ड्राम चल रहा था। यहां कि उस इलाके में अफरातफरी मची हुई थी। इसके बावजूद यह खबर न तो किसी अखबार में देखने को मिली और न ही किसी चैनल पर।

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सदियों से इंसान बेहतरी की तलाश में आगे बढ़ता जा रहा है, तमाम तंत्रों का निर्माण इस बेहतरी के लिए किया गया है। लेकिन कभी-कभी इंसान के हाथों में केंद्रित तंत्र या तो साध्य बन जाता है या व्यक्तिगत मनोइच्छा की पूर्ति का साधन। आकाशीय लोक और इसके इर्द गिर्द बुनी गई अवधाराणाओं का क्रमश: विकास का उदेश्य इंसान के कारवां को आगे बढ़ाना है। हम ज्ञान और विज्ञान की सभी शाखाओं का इस्तेमाल करते हुये उन कांटों को देखने और चुनने का प्रयास करने जा रहे हैं, जो किसी न किसी रूप में इंसानियत के पग में चुभती रही है...यकीनन कुछ कांटे तो हम निकाल ही लेंगे।
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One Response to बीस लाख में बिकी पुलिस, कब्जा के बाद निर्माण कार्य शुरु किया भू-माफियाओं ने

  1. चलिए आपने इस खबर तक पहुंचाया, इसके लिए धन्यवाद। कहाँ हैं सुशासन बाबू और उनकी ढोल पिटाई टीम?

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