12 अगस्त को भोपाल में मीडिया चौपाल

न्यू मीडिया का दायरा बढ़ा है तो जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं….इस क्षेत्रफल  को टटोलने, समझने, जानने सुनने, कुछ कहने-बोलने के लिए इस मीडिया से जुड़े लोगों का एक चौपाल बैठ रहा है, भोपाल में, 12 अगस्त को। इस चौपाल में विकास की बात विज्ञान के साथ होगी, साथ ही इसके नैतिक पहलुओं और चुनौतियों को देखा और समझा जाएगा। न्यू मीडिया का विकास एक चमत्कारिक शक्ति के रूप में हुआ है., इनफार्मेशन टेक्नोलाजी की क्षमता बढ़ी है….न्यू मीडिया की आगाज इसी की देन है…..न्यू मीडिया में हर स्तर पर, हर तरह से हर तरह की बातें लिखी और दिखाई जा रही हैं….सेंसर से मुक्त है…बहुत हद तक, जो इसकी खासियत भी है और खामी भी। बेशक इस चौपाल में इसके हर पहलू को छुय़ा जाएगा….समाज में न्यू मीडिया की पुख्ता पैठ हो चुकी है…असंख्य रिपोर्टे और खबरें प्रवाह के साथ बह रही हैं….वैचारिक स्तर पर भी उम्दा बहसें

चल रही हैं, कुल मिलाकर न्यू मीडिया अपने आप को स्थापित  कर चुका है….भोपाल का चौपाल यही सब बयां कर रहा है….न्यू मीडिया के बहुत सारे योद्धा इस चौपाल में एक साथ बैठेंगे और डेमोक्रेटिक अंदाज में खुली बहस करेंगे….भोपाल का चौपाल आप सभी लोगों इस्तकबाल करने के लिए तैयार है…..बस जरा सा भी न्यू मीडिया में रूचि है तो पहुंच ही जाइये…..और नहीं है तो भी पहुंचिये….क्योंकि न्यू मीडिया का आगाज पूराने समय की बात हो चुकी है…..अब तो यह कूंलांचे भर रहा है..

भोपाल ! 12 अगस्त को भोपाल में न्यू मीडिया संचारकों का जमावड़ा हो रहा है। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और स्पंदन संस्था के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय मीडिया चौपाल का आयोजन हो रहा है। इस चौपाल का थीम होगा – “विकास की बात विज्ञान के साथ” | इस चौपाल में देशभर के ब्लॉगर वेब साईट के संचालक और स्तंभकार शिरकत करेंगे। आयोजन से जुड़े स्पंदन संस्था के सचिव अनिल सौमित्र ने बताया कि इस चौपाल में न्यू मीडिया की समस्याओं, अवसरों और चुनौतियों पर खुली बह्स होगी। दरअसल न्यू मीडिया का दायरा और प्रभाव जिस कदर तेजी से बढ़ रहा है उसके बरक्श इसके बारे में सरकार और समाज में चिंतन की कमी है। तेजी से बढ़ते हुए मीडिया के इस रूप को राष्ट्रीय उत्कर्ष के लिये उपयोग किया जा सकता है।

गौरतलब है कि गत दिनों गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया से जुड़े लोगों के साथ गंभीर चर्चा की। विकास पुरूष और हिदुत्वप्रेमी होने के कारण नरेन्द्र मोदी हमेशा चर्चा में रहे हैं। ब्लॉगर्स और सोशल मीडिया के लोगों के साथ नरेन्द मोदी की यह मुलाकात सुर्खियों में रही। आयोजकों के अनुसार चौपाल के विभिन्न सत्रों में – न्यू मीडिया : समस्या, अवसर और चुनौतियां तथा विज्ञान के लोकव्यापीकरण में न्यू मीडिया की भूमिका पर चर्चा होगी। नवीन मीडिया की व्याप्ति और ताकत का उपयोग विकास और विज्ञान के लोकव्यापीकरण के तौर-तरीकों पर बात होगी। नये मीडिया के विशेषज्ञ और कार्यकर्ता मुद्दों की तलाश तो करेंगे ही, संभव है प्रिंट माध्यम के साथ इसके बेहतर संबंधों की तलाश भी की जाये।

असल में मीडिया चौपाल का आयोजन अपनी तरह का अभिनव प्रयोग है। नये मीडिया के संचारकों का अपनी तरह का यह पहला जमावड़ा होगा। इसमें देश के शीर्षस्थ ब्लॉगर, वेब-पोर्टल और सोशल मीडिया पर कार्यरत संचारकों के साथ ही विकास, विज्ञान,पर्यावरण आदि से जुड़े मुद्दों पर जनमत निर्माण करने वाले स्तंभकार भी बड़ी संख्या में हिस्सेदारी करेंगे।

आयोजक संस्था के अनुसार चौपाल का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-संपर्क प्रमुख राममाधव, मीडिया क्षेत्र ही महत्वपूर्ण हस्ती और राज्यसभा सदस्य स्मृति ईरानी, साहित्यकार और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव, वरिष्ठ पत्रकार प्रेम शुक्ल (कार्यकारी संपादक, सामना,मुम्बई), के.जी. सुरेश (नई दिल्ली), गिरीश उपाध्याय और विज्ञान संचारक जयकुमार (कोच्ची) की उपस्थिति में होगा। राज्यसभा सांसद और मध्यप्रदेश भाजपा के अध्यक्ष प्रभात झा, मध्यप्रदेश के जनसंपर्क और संस्कृति मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा और कुलपति बृजकिशोर कुठियाला की उपस्थिति में चौपाल का समापन होगा। मीडिया चौपाल के विभिन्न चर्चा सत्रों में विस्फोट न्यूज नेटवर्क के संजय तिवारी (नई दिल्ली), ब्लॉगर और पत्रकार अनुराग अन्वेषी (नई दिल्ली), रविशंकर (नई दिल्ली), अमलेन्दु उपाध्याय (नई दिल्ली), प्रख्यात स्तंभकार आर.एल फ्रांसिस (नई दिल्ली), मुकुल कानिटकर (कन्याकुमारी), प्रवक्ता डाट कॉम के संजीव सिन्हा (नई दिल्ली), नेटवर्क 6 के आवेश तिवारी (वाराणसी), सुरेश चिपलूणकर (उज्जैन), वरिष्ठ पत्रकार अनिल पाण्डेय (नई दिल्ली), चण्डीदत्त शुक्ल (जयपुर), रवि रतलामी (भोपाल), जनोक्ति समूह के जयराम विप्लव (नई दिल्ली), अहमदाबाद स्थित ब्लॉगर संजय बेंगानी और पंकज त्रिवेदी, लंदन स्थित ब्लॉगर शिखा वार्ष्णेय, भारतवाणी वेब साईट के संचालक लखेश्वर चन्द्रवंशी, (नागपुर्), रायपुर से गिरीश पंकज, जयप्रकाश मानस (सृजनगाथा डाटकाम), पंकज झा, संजीत त्रिपाठी, ललित शर्मा, अनिल द्विवेदी, मुम्बई से नये मीडिया के दिग्ग्ज चन्द्रकांत जोशी, प्रदीप गुप्ता, आशुतोष कुमार सिंह, जितेन्द्र दवे, नेटवर्क 18 के निमिष कुमार, चंडीगढ से आशा अर्पित, दिल्ली से शिवानी पाण्डेय, सीत मिश्रा, हर्षवर्धन त्रिपाठी (दिल्ली), राजीव गुप्ता (नई दिल्ली), आशीष कुमार ‘अंशु’  (नई दिल्ली), ऋतेश पाठक (नई दिल्ली), उमाशंकर मिश्र (नई दिल्ली), लिमटी खरे (नई दिल्‍ली), अरुण सिंह (लखनउ), प्रभाष झा (नई दिल्ली). स्वदेश सिंह (दिल्ली), भुवन भास्कर (दिल्ली), गौतम कात्यायन (पटना), केशव कुमार (नई दिल्ली), अंकुर विजयवर्गीय (नई दिल्ली), सामाजिक कार्यकर्ता और ब्लॉगर किरण शाहीन (दिल्ली), पर्यावरण और पानी के लिये कार्यरत केसर सिंह और मीनाक्षी अरोडा (इंडिया वाटर पोर्टल नई दिल्ली), विज्ञान संचारक अंकिता मिश्रा (दिल्ली), नीरु सिंह ज्ञानी (ग्वालियर) आकाशवाणी नई दिल्ली में कार्यरत ब्लॉगर वर्तिका तोमर और श्वेता कुमारी, लोकसभा टीवी में कार्यरत सिद्धार्थ झा (नई दिल्ली), देवपुत्र पत्रिका के संपादक विकास दवे (इंदौर), मीडिया शिक्षा में कार्यरत सागर के आशीष दूबे, धार के विजय पाटिल, रतलाम के राजेश मूणत, भोपाल से सरिता अरगरे, अल्पना मिश्रा, विधुल्लता, जया केतकी, पर्यावरण और विकास संबंधी स्तंभकार पंकज चतुर्वेदी और महेश परिमल, पत्रकार शिरीष खरे, रविन्द्र स्वप्निल, स्वाति तिवारी, शशि तिवारी, न्यू मीडिया शिक्षण से संबद्ध पी शशिकला, साहित्यकार कुमकुम गुप्ता, सामाजिक कार्यकर्ता नरेन्द्र जैन, विज्ञान संचारक सुशील शुक्ला, लाल बहादुर ओझा, ओम प्रकाश गौड, राजू कुमार, संदीप भटट (खंडवा), लोकेन्द्र सिंह (ग्वालियर)

आदि की स्वीकृति हमें प्राप्त हो चुकी है। इन सभी के साथ कई अन्य ख्याति प्राप्त ब्लोगर्स, वेब संचालक और स्तंभ लेखक इस चौपाल में शिरकत करेंगे।  इनके साथ ही चौपाल में  क्भोपाल के मीडिया लेखक प्रभु झिंगरन और विज्ञान और आध्यातिमक संचार पर कार्यरत कोलकाता के योगी स्वामी बी. एन. संता और स्वामी बी.वी. मिनी विशेष तौर पर उपस्थित होंगे। ये सभी संचारक न्यू मीडिया के लिये एक साझा मंच विकसित करने का प्रयास भी करेंगे।

उल्लेखनीय है कि इस मीडिया चौपाल में प्रतिनिधियों के द्वारा नये मीडिया से जुडे कई मुद्दों पर चर्चा होगी। इन मुद्दों में मुख्यत: “क्या अब नया मीडिया ही मुख्यधारा है, मीडिया बनाम न्यू मीडिया, न्यू मीडिया पहुच और प्रभाव, राजीनति के झरोखे से वेब मीडिया,  न्यू मीडिया में जय किसान और जय विज्ञान, भाषाई शिष्टता बनाम वेब, अंतर्राष्ट्रीय वेब जगत में हिन्दी, ब्लॉग बनाम माइक्रो ब्लोगिंग साईट, जनांदोलन और सोशल मीडिया, वेब जगत का आर्थिक मॉडल, सरकारी अंकुश : ज़रूरत या सनक, न्यू मीडिया में स्व नियमन की ज़रूरत, अभिव्यक्ति की आज़ादी और नया मीडिया, कैसी हो नई मीडिया की आचार संहिता, नया मीडिया : भूगोल अब इतिहास की वस्तु, फॉण्ट की समस्या और यूनिकोड समाधान, वैज्ञानिक संचार ज़रूरतें, संस्कृति और संवाद वाया वेब, कोपीराईट का सवाल और न्यू मीडिया, इन्टरनेट गांव तक : खयाली पुलाव या सच्चाई, राष्ट्रीय चुनौतियों में इंटरनेट की भूमिका, क्या नेट दुधारी तलवार है आदि प्रमुख हैं।

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सदियों से इंसान बेहतरी की तलाश में आगे बढ़ता जा रहा है, तमाम तंत्रों का निर्माण इस बेहतरी के लिए किया गया है। लेकिन कभी-कभी इंसान के हाथों में केंद्रित तंत्र या तो साध्य बन जाता है या व्यक्तिगत मनोइच्छा की पूर्ति का साधन। आकाशीय लोक और इसके इर्द गिर्द बुनी गई अवधाराणाओं का क्रमश: विकास का उदेश्य इंसान के कारवां को आगे बढ़ाना है। हम ज्ञान और विज्ञान की सभी शाखाओं का इस्तेमाल करते हुये उन कांटों को देखने और चुनने का प्रयास करने जा रहे हैं, जो किसी न किसी रूप में इंसानियत के पग में चुभती रही है...यकीनन कुछ कांटे तो हम निकाल ही लेंगे।
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