कितने बलात्कार का गवाह बनेगा बिहार?

सुशासन की सरकार में बिहार शरीफ में एक छात्रा से सामुहिक बलात्कार और जलाये जाने की  घटना ने लोगों को सकते में डाला ही था कि एक कांग्रेसी विधायक के आवास पर हुए गैंग रेप से लोग सहम गये। आम आदमी के लिये यह निश्चय करना कठिन हो रहा है कि इस सुसाशन में इतने दुशासन कैसे खुला घूम रहे हैं ।

नालंदा की छात्रा के साथ जब बलात्कारी अपनी मंशा में सफल नहीं हो सके तो उन्होंने उसे कमरे में बंद कर गैस सिलिंडर से जला दिया। जली अवस्था में वह छात्रा पीएमसीएच में मौत और जिन्दगी की जंग लड़ रही है। इन निरंतर जारी वारदातों को देखकर ऐसा लगता है कि बिहार भारत का रेप कैपिटल बन चुका है। पिछले कुछ समय से लागातार होती इन बलात्कार की घटनाओं पर यदि गौर करें तो इसे समझना और भी आसान हो जायेगा। कुछ ही समय पहले भागलपुर के एक आश्रम में दो साध्वियों ने अपने साथ घटित बलात्कार के लिये जिम्मेवार आश्रम के ही नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। लेकिन यह अकेला मामला नहीं है जिससे सुशासन बाबू के सुशासन की पोल खुल रही है। पिछले तीन महीने में ही सूबे में सामूहिक बलात्कार की तकरीबन  बीस से से भी ज्यादा घटनायें घटित हो चुकी हैं।

इससे पहले अररिया जिले में मध्य विद्यालय के नजदीक एक महिला की लाश मिली थी। उसके चेहरे और शरीर पर जख्म के अनेक निशान पाये गये थे। बाद में जिसकी पहचान की गयी और मृतका के पिता द्वारा स्थानीय थाने में जो प्राथमिकी दर्ज करवाई गयी उसमें सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या किये जाने की ही चर्चा थी।

एक दूसरी घटना गया जिले की है जहां अपराधियों ने एक कालेज छात्रा को सरेराह उठा लिया था। वह छात्रा भी राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर घायल अवस्था में पायी गयी। उसके साथ भी सामूहिक बलात्कार किया था और उसे चलती कार से नीचे फ़ेंककर अपराधी आसानी से निकल लिये थे। इस  के बाद कुछ अपराधियों की गिरफ़्तारी के   बाद मामला अपने आप ठंढा पड़ गया। इसी तरह की एक और घटना राजधानी पटना में घटित हुई जहां इस बार एक नेपाली लड़की अपराधियों की हवस की शिकार हुई और सामूहिक बलात्कार के बाद उसे भी चलती बस से खुलेआम सड़क पर फ़ेक दिया गया। पीड़िता को जख्मी अवस्था में  इलाज के लिये भेजा गया और इस तरह एक और बलात्कार की घटना इस फेहरिस्त में जुड़ गयी। राजधानी में स्कूली शिक्षिका को सरेआम बेइज्जत करने का प्रयास और पिछले समय की सामुहिक बलात्कार और सीडी की घटना को लोग अभी भूले भी नहीं थे कि यह दिल दहला देने वाला कारनामा लोगों को हतप्रभ कर रहा है।
बिहार के किसी भी हिस्से में लड़कियां कितनी सुरक्षित   हैं इसे समझना मुश्किल नहीं है। कभी कहीं स्कूली छात्रा के साथ उसके शिक्षक ही यौन शोषण में लिप्त पाये जाते हैं, तो कभी राह चलते अपराधियों ने इस सुसाशन में लड़कियों और महिलाओं का जीना दुर्भर कर दिया है। अनेक हालात में तो इस तरह की घटनाओं की तह में इस सरकार की पुलिस जाना नहीं चाहती और सिर्फ औपचारिकता भर करके अपने फर्ज की इतिश्री समझ लेती है।
यूं तो इस तरह के अनेक मामले पटना, नालंदा, आरा और अन्य जिलों में घटित हुए हैं। पर हैरानी यह है कि  यह हालिया वारदात की पहली घटना सूबे के मुखिया के गृह जिले की है तो दूसरी राजधानी की है। इन मामलों में पुलिसिया कार्रवाई की सच्चाई लोगों से छुपी नहीं रही है। पर देखना यह है कि यह हृदयविदारक घटना सरकार को कितना संवेदनशील बनाती है। बढ़ते बलात्कार की घटनाओं पर राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने पहले ही घोर अनियमितता की बात कही थी और राज्य सरकार को इस लापरवाही के लिये आइना दिखाया था।

बहरहाल बदलते बिहार का यह घिनौना सच दिल को दहला देने वाला है। जिस प्रदेश में महिला की इज्जत सरेआम तार तार हो रही है और अपराधी बेलगाम घूम रहे हों वहां किसी तरह की उम्मीद बेमानी है। साथ ही इस तरह के मामले में तीव्रतम और कठोर कार्रवाई का न होना भी एक के बाद एक घटनाओं को अंजाम देने के लिये अपराधियों के हैसले को और बुलंद कर रहा है। नीतीश सरकार ने महिलाओं को आगे आने का न्यौता तो दे दिया पर उनके अपने ही क्षेत्र और राजधानी में होने वाली इस घटना ने उनकी चाक चौबंद व्यवस्था की पोल खोल दी है।  गौरतलब यह है कि यह सरकार इस मामले पर कितना गंभीर होती है क्योंकि इस घटना ने अमानवीयता की सारी हदों को पार लिया है।

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4 Responses to कितने बलात्कार का गवाह बनेगा बिहार?

  1. suraj sahu says:

    aaj desh me chori loot dakaiti aur balatkar aam bat ho gayi hai desh me har pal koi na koi ladki atyachariyon ke julm ka shikar ho rahi hai fir bhi desh me kanoon vyavastha me koi sudhar nhai kiya ja raha hai . neta ji aate hai aur apna bhashan sunakr chale jate hai aur samsya wahi ki wahi rah jata hai . desh ki mahila aayog to nnd se kabhi jagti hi nhai aaj tak ye mahila ayog ne kisi ko nayay nahi dilya hai.

  2. santosh says:

    अनीता गौतम जी…आप बिहार में हैं तो आपको लगता है कि बिहार रेप कैपिटल बनता जा रहा है…मैं दिल्ली में हूं तो मुझे दिल्ली रेप कैपिटल…क्राइम कैपिटल दिख रहा है…दरअसल यह अपने आप में बड़ी समस्या और चिंता का विषय है। हम और हमारा देश विकसित होने का दंभ भर रहे हैं लेकिन अपराध और अनैतिक घटनाएं उससे कहीं ज्यादा विकसित होती जा रही हैं। यदि हम विकसित हो रहे हैं…समृद्ध हो रहे हैं…शिक्षित हो रहे हैं…तो इस तरह की घटनाएं कम होनी चाहिए ना। यहां दिल्ली एनसीआर में पिछले दिनों रेप की जो घटनाएं हुईं-किसी भी सभ्य इंसान का दिल दहल सकता है। पिछले दस दिन के भीतर छह साल से ग्यारह साल की बच्चियों से रेप की घटनाएं दिल्ली-एनसीआर में कई हुईं। यहां तो मीडिया है-खबरें आसानी से आ जाती हैं। वहां के बारे में सोचिये जहां मीडिया झांकता भी नहीं है। जहां की और जिनकी खबरें उसे लो मार्केट की खबरें लगती हैं। वहां कितनी दयनीय स्थिति होगी। आप सोच सकती हैं।

  3. subhash kumar says:

    Anita g dhanybad shayad aapka samaj kabhi jage or aapki tarah hi sach ka aaina dikhaye tab hi yah sambhv hai

  4. bipin says:

    samaj ko such ka aina dikhane ke liye apki lekhani ko salam. sayed kabhi to log jage .

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