फासीवाद बिहार में परास्त होगा-मनीष यादव

तेवर आनलाइन, पटना

फासीवाद के खिलाफ जमीनी लड़ाई बिहार में लड़ी जाएगी, और उसे बुरी तरह से परास्त किया जाएगा। बिहार कट्टरवादी छलकपट के खिलाफ एकजुट होगा। हम अपने आप को हर स्तर पर इसके लिए तैयार कर रहे हैं। कई तरह के फासीवादी प्रपंच से लोगों को गुमराह किया जा रहा है, राजद प्रवक्ता मनीष यादव आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति में बिहार की भूमिका को स्पष्ट करते हुये कहते हैं। वो आगे कहते हैं, बिहार के इतिहास को पलट कर देखिये, कट्टरवाद को हमलोगों ने हमेशा नकारा है। लालू जी के नेतृत्व में केसरिया लहर को बिहार ही में ही रोका गया था। इसके लिए आज बिहार फिर से तैयार है। बिहार की यह खासियत है कि वो हमेशा से उन शक्तियों को नकारती रही हैं जो सेक्युलरिज्म फैब्रिक्स के खिलाफ है।

मनीष आगे कहते हैं, सामाजिक स्तर पर बिहार बहुत आगे बढ़ चुका है। सामाजिक न्याय व्यवहारिक स्तर पर आकार लेते हुये काफी आगे निकल चुका है। अब बिहार पूरी तरह से नई अंगड़ाई के लिए मुस्तैद है। दुनिया के कई मुल्कों में फासीवादी लहर अलग-अलग रूपों में पैर पसार रही हैं और इसके खिलाफ एकजुटता के लिए गंभीर प्रयास किये जा रहे हैं। बिहार की धरती इतिहास को एक नई दिशा देने के लिए तैयार है। मनीष यादव आगे कहते हैं कि बुद्ध की यह धरती अतिवाद को कभी आगे नहीं बढ़ने देगी। लोग को हर स्तर पर इसके खिलाफ लामबंद हैं। मीडिया जगत से राजनीति पथ पर डग भरने वाले मनीष चंद्रा की मीडिया पर भी पैनी नजर है। वो सवालिया लहजे में कहते हैं, कुछ मीडिया हाउस हमारी खबरों की अनदेखी कर रहे हैं, क्या मीडिया अघोषित सेंसर की शिकार है। यदि ऐसा है तो यह स्पष्ट है कि मीडिया के एक हल्के पर फासीवाद पूरी तरह से काबिज हो चुका है। ऐसी स्थिति में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बचाये रखना मीडिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती तो है ही, फासीवादी प्रचार से लोग को कैसे महफूज रखा जाये यह सवाल भी भी है। प्रचार तंत्र का आक्रमक इस्तेमाल फासीवाद की खास विशेषता है, विगत अनुभवों के मद्देनजर बिहार को इस खतरा से भी सावधान रहना है। इसके लिए भी हम संगठित होकर प्रयास कर रहे हैं। राजद के मीडिया सेल का पूरी तरह से आधुनिकीकरण किया जाएगा। हर स्तर पर लोगों को न सिर्फ जोड़ा जाएगा बल्कि फासीवाद के संभावित खतरों से भी उन्हें आगाह किया जाएगा ताकि देश में फासीवाद के पसरते पांव को बिहार में जमने नहीं दिया जाये।

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