संपर्क यात्रा को लेकर नीतीश कुमार के आवास पर बैठक

तेवरऑनलाईन, पटना

जदयू  के अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ, महिला प्रकोष्ठ, चिकित्सा प्रकोष्ठ एवं पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ की बैठक पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर हुई, जिसमें सम्पर्क यात्रा के दौरान आयोजित होने वाले राजनैतिक सम्मेलन के विषय में विस्तार से चर्चा की गयी। प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने प्रकोष्ठ पदाधिकारियों को सुझाव दिया कि 13 नवम्बर से आरंभ होने वाली पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सम्पर्क यात्रा की तैयारी के लिए आपलोगों की यात्रा कल से ही शुरू हो जानी चाहिए, ताकि पंचायत स्तर तक के सक्रिय साथियों को आप जिला राजनैतिक सम्मेलन में आमंत्रित कर सकें। यह सम्पर्क यात्रा एक दिन में दो जिलों में होगी। 11 बजे से 1.30 बजे तक एक जिला में राजनैतिक सम्मेलन होगा और 2 बजे से 4.30 बजे तक दूसरे जिले में यह सम्मेलन होगा। इसके लिए जरूरी है कि आप अपने सक्रिय साथियों की सूची बना लें, ताकि उनको सम्मेलन में आमंत्रित किया जा सके। बैठक को सम्बोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राजनैतिक सम्मेलन में जिला का एक भी सक्रिय कार्यकर्ता छूटना नहीं चाहिए। इन सभी सक्रिय कार्यकर्ताओं का मोबाइल नम्बर और पता दर्ज होगा ताकि प्रदेश कार्यालय से निरन्तर सम्पर्क किया जा सके। लोकसभा चुनाव में सपने दिखा कर वोट लेने वाले दिल्ली में बैठक कर विकास की बात करते है, लेकिन उनके लोग यहां गांवों में घूम-घूम कर समाज को बांटने की बात करते है। समाज में फूट डालने के लिए ‘लकड़सूघवा’ घूम रहे हैं। उनकी चाल को समझने की जरूरत है। नीतीश कुमार ने कहा कि हमारी सरकार ने अतिपिछड़े और महिलाओं के विकास के लिए जो काम किए उसकी चर्चा पूरे देश और दुनिया में हुई। इन उपेक्षित तबकों को मुख्य धारा में लाने के लिए ठोस कदम उठाये गये। पंचायतों में अतिपिछड़ों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। इसका परिणाम है कि आज बिहार में 1680 मुखिया अतिपिछड़े समाज के हैं। इसी तरह महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का नतीजा है कि बड़ी संख्या में महिलाएं मुखिया, प्रमुख, उप प्रमुख और जिला परिषद् के अध्यक्ष एवं सदस्य के पद पर विराजमान है। गांव की जो महिलाएं घरों से नहीं निकलती थीं, आज ब्लाक में बैठकर अपना हक मांगती हैं। पंचायत और प्रखंड में बैठकर विकास की योजनाएं बनाती हैं, योजनाओं की मानिटरिंग करती हैं, विकास की नयी-नयी इबारतें लिख रही है। हमारी सरकार ने समाज की आधी आबादी को मुख्य धारा में लाने के लिए ठोस पहल की। उनमे शिक्षा के प्रचार के लिए साइकिल योजना चलायी गयी, पोशाक योजना चली। लड़कियां साइकिल से स्कूल जाने लगीं। स्वयं सहायता समूह का गठन कर ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। ‘जीविका’  का कार्यक्रम चला। ये सभी योजनाएं महिला सशक्तीकरण की आधारशिला बनीं। आज महिलाओं की बराबरी का कारवां बढ़ चला है, इसे कोई रोक नहीं सकता।

संपर्क यात्रा में जो राजनीतिक सम्मेलन होगा उसमें सभी सक्रिय कार्यकर्ताओं को गांधी, लोहिया और जे पी के विचारों की जानकारी दी जायेगी, जो हमारी पार्टी की विचारधारा है। प्रकोष्ठों की इस बैठक में अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अशोक कुमार बादल और सीताराम दुखारी तथा महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष प्रो0 हरपाल कौर ने अपने विचार रखे। चिकित्सा प्रकोष्ठ एवं पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ को सम्बोधित करते हुए  नीतीश कुमार ने कहा कि चिकित्सकों और पूर्व सैनिकों की समाज सेवा के क्षेत्र में महती भूमिका है। पार्टी से इनके जुड़ने के बाद हमें इनके अनुभव और ज्ञान का लाभ मिलेगा। राजनैतिक सम्मेलन में जिन समाजवादी विचारकों की विरासत की चर्चा होगी, उन विचारों को पंचायत स्तर तक पहुंचाने में हमारे चिकित्सक प्रकोष्ठ और पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के साथी प्रभावकारी भूमिका निभायेंगे। चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डा0 एल0 बी0 सिंह और पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्रीकांत महतो ने अपने विचार रखें और सम्पर्क-यात्रा में आहूत जिला राजनैतिक सम्मेलन में सक्रिय कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया।

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