दूरदर्शन बिहार के दर्शको में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है प्रसिद्ध उपन्यास पर बन रहा नया पारिवारिक धारावाहिक’’कन्यादान’’

राजू बोहरा ,नयी दिल्ली,

साहित्यिक कृतियो पर धारावाहिक बनाने की परंपरा बहुत पुरानी है। मुंशी प्रेमचंद, शरदचंद्र, रविंद्र नाथ टैगोर, बाबा नागार्जुन, भीष्म साहनी जैसे अनेको साहित्यकार हैं जिनकी कृतियो  पर दूरदर्शन ने अब तक शानदार धारावाहिको का निर्माण किया है। इसी कड़ी में बिहार दूरदर्शन ने भी अब साहित्य अकादमी प्राप्त मैथिली के अमर साहित्यकार स्वर्गीय हरि मोहन झा के प्रसिद्ध उपन्यास ’’कन्यादान’’ पर धारावाहिक बनाने का फैसला किया। पटना दूरदर्शन के निदेशक श्री पी.एन. सिंह ने इस दिशा में पहल की और इस उपन्यास पर धारावाहिक बनाने की स्वीकृति प्रदान की।

कन्यादान एक ऐसी लड़की की कहानी है जिसे अनपढ़ होने के कारण उसका पति उसे छोड़कर चला जाता है। उपन्यास की नायिका अपनी अशिक्षा के चलते पूरी जिंदगी एकाकी जीवन बिताने पर मजबूर हो जाती है। उपन्यास में मिथिलांचल की कला संस्कृति और  परंपराओ को बहुत ही बेहतर तरीके से पेश किया गया है। ये उपन्यास जहां महिला शिक्षा पर जोर देता है, वहीं मिथिलांचल के विकास का संदेश भी देता है। धारावाहिक का निर्माण ’’यूके फिल्म्स एंड टीवी नेटवर्क’’’ के बैनर तले किया जा रहा है। गुरुवार और शुक्रवार को प्राइम टाइम में रात 8 से 8.30 तक डीडी बिहार पर ये धारावाहिक दिखाया जा रहा है। यह धारावाहिक दर्शको को बहुत पसंद आ रहा है क्योकि इसमें मिथिलांचल की छवि को बहुत ही खूबसूरती से पेश की गयी है। इस चर्चित धारावाहिक में जो कलाकार विभिन्न किरदारों में अभिनय  है उनमे गिरीश शर्मा, मुस्कान सिंह, आरिफ शेख, स्वर्लिण कौर, सुनील गुप्ता, नीलाक्षी, विकास सिन्हा, नीलम दुबे जैसे कलाकारो के नाम मुख्य रूप से शामिल है। ।

इस धारावाहिक की पटकथा और संवाद लिखे हैं सुधांशु गुप्त एव राजीव गुप्त ने। ”कन्यादान” के निर्माता हैं उदय कुमार और धारावाहिक का कुशल निर्देशन कर रहे है जानेमाने धारावाहिक डायरेक्टर चंद्रसेन सिंह जो दूरदर्शन राष्ट्रीय चैनल डीडी नेशनल के ”मंगलसूत्र-एक मर्यादा, ”एक किरण रौशनी की”, ”जज्बात” और ”लेडी इस्पेक्टर” जैसे लोकप्रिय धारावाहिको को निर्देशित कर चुके है। छोटे पर्दे के दर्शको के लिए निर्माता उदय कुमार का नाम भी किसी खास परिचय का मोहताज नहीं  है। निर्माता उदय कुमार मूलरूप से गिरिडीह झारखण्ड के रहने वाले है और वह बतौर निर्माता दिल्ली और मुंबई में रहकर पिछले बीस वर्षो से छोटे पर्दे के धारावाहिको और कार्यक्रमो के निर्माण में लगातार सक्रिय है और दूरदर्शन के नेशनल चैनल ”डीडी वन” से लेकर ”डीडी उर्दू”, ”डीडी काशीर”, ”डीडी सह्याद्रि”, ”दूरदर्शन नॉर्थ ईस्ट” सहित दूरदर्शन के लगभग सभी रिजनल चैनल्स के लिए अनेक मनोरंजन व सामाजिक प्रधान सोशल जागरूक करने वाले धारावाहिको और कार्यक्रमो का निर्माण कर चुके है जिमसे कई धारावाहिको और कार्यक्रमो को दर्शको ने काफी सराहा भी।

उदय कुमार द्वारा निर्मित चर्चित धारावाहिको और कार्यक्रमो में ’’कन्यादान’’ के अलावा’’आईना’’, ’’उपहार’’,’’मारे गये गुलफाम’’,’’रहनुमा’’,’’लगन’’,’’और कौन’’,’’आदाब अर्ज’’, ’’तर्ज-ए-बया’’,’’फिक्र-ए-मुस्तकबिल’’जैसे जागरूक करने वाले धारावाहिक और कार्यक्रम मुख्य रूप से शामिल है। ’’कन्यादान’’ के अलावा वर्तमान समय में मुंबई दूरदर्शन यानी ’’डीडी सह्याद्रि’’ में भी उनका प्राइम टाइम में रात 9 बजे सोमवार, मंगलवार और बुधवार को एक और चर्चित डेली शो ’’सुशिलेचा देव’’ सुशीला का देवता” भी चल रहा है जो मराठी के सुप्रसिद्ध साहित्यकार वामन मल्हार जोशी के मशहूर उपन्यास पर आधारित है। इसके साथ ही वह दूरदर्शन के राष्ट्रीय चैनल के लिए बांग्ला की मशहूर लेखिका सुचित्रा भट्टाचार्य के प्रख्यात उपन्यास पर एक बड़ा धारावाहिक ’’अपने लोग’’ भी बना रहे है जिसका पायलट ऐपिसोड का निर्माण किया जा चूका है। कुल मिलाकर दूरदर्शन बिहार का यह धारावाहिक ’’कन्यादान’’शिक्षा के महत्व को बेहद गंभीरता से दर्शाता है।

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सदियों से इंसान बेहतरी की तलाश में आगे बढ़ता जा रहा है, तमाम तंत्रों का निर्माण इस बेहतरी के लिए किया गया है। लेकिन कभी-कभी इंसान के हाथों में केंद्रित तंत्र या तो साध्य बन जाता है या व्यक्तिगत मनोइच्छा की पूर्ति का साधन। आकाशीय लोक और इसके इर्द गिर्द बुनी गई अवधाराणाओं का क्रमश: विकास का उदेश्य इंसान के कारवां को आगे बढ़ाना है। हम ज्ञान और विज्ञान की सभी शाखाओं का इस्तेमाल करते हुये उन कांटों को देखने और चुनने का प्रयास करने जा रहे हैं, जो किसी न किसी रूप में इंसानियत के पग में चुभती रही है...यकीनन कुछ कांटे तो हम निकाल ही लेंगे।
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