चेतना का’प्राचीन भारतीय मनीषा की दृष्टि में व्यावसायिक नेतृत्व का विकास विषय पर सेमिनार

राजू बोहरा नई दिल्ली,

आम लोगों की दैहिक, दैविक और भौतिक चिंताओं को समाप्त करने और मानव कल्याण की ओर अग्रसर, दिल्ली की सुप्रसिद्ध सामाजिक संस्था ‘ चेतना ‘ ने हाल ही में दिल्ली के  रोहिणी के होटल क्राउन प्लाजा में ‘ प्राचीन भारतीय मनीषा की दृष्टि में व्यावसायिक नेतृत्व का विकास ‘ विषय पर श्री दिनेष कुमार, विश्व प्रसिद्ध जीवन  प्रशिक्षक व प्राचीन भारत के मर्मज्ञ ज्ञाता के नेतृत्व में सेमीनार आयोजित किया। सेमिनार की अध्यक्षता श्री तारा चंद  बंसल जी, पूर्व उप महापौर दिल्ली ने की। विशेष गणमान्य अतिथियों में पूज्य श्री कौशलेन्द्र जी महाराज, सच्चा आध्यात्मिक पीठ, बहादुरगढ़; मुख्य अतिथि शरती कृष्ण कुमार मित्तल, भारतीय राजस्व सेवा, आयकर आयुक्त; श्री नन्दकिशोर अग्रवाल, चिनार सिंथेटिक, भिवानी; श्री पुरुषोतम अग्रवाल, चिनार सिंथेटिक, श्री राजेश कपूर, कैपिटल 1 टीवी; श्रीमती प्रीति अग्रवाल; नवनिर्वाचित महापौर, उत्तरी दिल्ली नगर निगम व श्री टी. एस. मदान, प्रसिद्ध प्रेरक ने सेमिनार की शोभा बढ़ाई।

इस अवसर पर ‘ चेतना ‘ ने समाज में विशिष्ठ उपलब्धि पाने वालों को सम्मानित किया जिसमें श्रीमती प्रीति अग्रवाल, महिला राजनीति; कुमारी समृद्धि अलहाबादी को मेडिकल क्षेत्र व कुमार पंकुल बंसल को इंजीनियरिंग क्षेत्र शामिल थे। श्री दिनेश कुमार जी ने सेमिनार का प्रारम्भ प्राचीन भारतीय ग्रंथो में उल्लेखित मंत्रो जैसे ॐ, गायत्री मंत्र से उठने वाली ध्वनि तरंगो का प्रभाव जिसकी पुष्टि अमेरिका विज्ञान प्रयोगशाला ‘ नासा ‘ ने की से किया। गायत्री मंत्र के बोलने पर उठने वाली तरंगो से सारी बाधांए / रुकावटें खत्म हो जाती है। उन्होंने व्यावसायिक क्षेत्र में नेतृत्व, प्रबन्धन व उघमिता की महत्ता बताई। व्यवसाय के लिए पांच आवश्यक बातें – लक्ष्य, कर्त्ता, संसाधन, रणनीति व आपात प्रबंधन पर विस्तार  चर्चा की। उन्होंने सतत् सम्यक जागरूकता पर भी विशेष बल दिया। मनुष्य की संकल्प शक्ति व स्पष्टता से बड़े से बड़ा लकया भी आसानी से प्राप्त हो जाता है। उन्होंने संबकालप सहक्ति, दृढ़ विशवास व आस्था का उदाहरण चीन की मेडिकल शैली जिससे महिलाओं का ब्रैस्ट कैंसर तीन मिन्ट में ठीक हो जाता है से किया। उन्होंने मनुष्य को अपना लक्ष्य निर्धारित करने व समाज को उसके जाने के बाद क्या योगदान रहेगा इस पर गम्भीरता से विचार करने के लिए कहा।
श्री दिनेश कुमार जी ने यज्ञ  महत्व को बहुत ही अच्छे ढंग से बताया। हम जो यज्ञ घी, सामग्री व समिधा से करते हैं वो यज्ञ का भौतिक रूप है । वास्तव में यज्ञ गुणात्मक कल्याण करने का माध्यम है। उन्होंने गूगल, फेसबुक, टिवटर जैसे आधुनिक ‘ सोशल मीडिया ‘ के साधनों को निशुल्क सेवा देने को बड़ा यज्ञ बताया। सेमिनार का मंच संचालन श्री राजेश चेतन ने बड़ी कुशलता से किया। टीम चेतना राजेश चेतन ( अध्यक्ष ), अशोक बंसल ( महासचिव ), दिनेश गुप्ता ( कोषाध्यक्ष ), राजकुमार अग्रवाल , जितेन्द्र गुप्ता ,  एन. आर. जैन, भरतभूषण अलाहाबादी, सतभूषण गोयल व  सुनील अग्रवाल ने सेमिनार का प्रबंधन बड़ी ही कुशलता व निपुण्ता से किया।
raju vohra

About raju vohra

लेखक पिछले सोलह वर्षो से बतौर फ्रीलांसर फिल्म- टीवी पत्रकारिता कर रहे हैं और देश के सभी प्रमुख समाचार पत्रों तथा पत्रिकाओ में इनके रिपोर्ट और आलेख निरंतर प्रकाशित हो रहे हैं,साथ ही देश के कई प्रमुख समाचार-पत्रिकाओं के नियमित स्तंभकार रह चुके है,पत्रकारिता के अलावा ये बातौर प्रोड्यूसर धारावाहिकों के निर्माण में भी सक्रिय हैं। आपके द्वारा निर्मित एक कॉमेडी धारावाहिक ''इश्क मैं लुट गए यार'' दूरदर्शन के ''डी डी उर्दू चैनल'' कई बार प्रसारित हो चूका है। संपर्क - journalistrajubohra@gmail.com मोबाइल -09350824380
This entry was posted in नारी नमस्ते. Bookmark the permalink.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>