पटना में सपनों का आशियाना बसाना होगा आसान : अजीत सिंह

पटना। अगर आप बिहार की राजधानी पटना में अपने सपनों का आशियाना बनाना चाहते हैं, तो अब यह और भी होगा आसान, क्‍योंकि कासा इंडियन होम्‍स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने पटना में वर्षों से अपना आशियाना बनाने की चाहत रखने वाले लोगों के लिए एक ड्रीम प्रोजक्‍ट लेकर आई है। ये जानकारी कासा इंडियन होम्‍स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के फाउंडर अजीत सिंह ने पटना के समर्पण नेस इन होटल में आयोजित संवाददाता सम्‍मेलन में दी।

इस दौरान उन्‍होंने कहा कि कासा इंडियन होम्‍स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी आज अपना तीसरा वर्षगांठ मना रही है। इस अवसर पर हमने राजधानी में एम्‍स से सटे इलाके में तीन प्रोजेक्ट लांच किए हैं, जिनमें पहला एम्‍स से जॉनीपुर होकर नौबतपुर जाने वाल स्‍टेट हाइवे 78 पर तकरीबन छह किलोमीटरकी दूरी पर कासा रॉयल हाईलैंड, दूसरा एम्‍स से पांच किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे 98 पर कासा गुलजार और तीसरा एम्‍स से आठ किलोमीटर दूर नेशनल हाइवे पर ही कासा वैदिक होगा। ये तीनों प्रोजेक्ट मुख्‍य सड़क पर ही हैं और कंपनी ने पहले से ही पूरी जमीन की रजिस्‍ट्री करा रखी है।

वहीं, एमडी सुरेंद्र सिंह ने अपने प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि कासा रॉयल हाइलैंड कुल 25 बीघा जमीन पर होगा, जिसकी कीमत 66 रूपए प्रति स्‍क्‍वायर फीट की दर से 1200 स्‍क्‍वायर फीट का कीमत 8 लाख है। वहीं, कासा गुलजार कुल 15 बीघा जमीन पर होगा, जिसकी कीमत 1250 रूपए प्रति स्‍क्‍वायर फीट की दर से 1200 स्‍क्‍वायर फीट का कीमत 15 लाख है और  कासा वैदिक कुल 10 बीघा जमीन पर होगा, जिसकी कीमत 1250 रूपए प्रति स्‍क्‍वायर फीट की दर से 1200 स्‍क्‍वायर फीट का कीमत 15 लाख है.

उन्‍होंने कहा कि कासा इंडियन होम्‍स प्राइवेट लिमिटेड गुणवत्ता और विश्‍वसनीयता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करती है। हमने तीन सालों में 250 से अधिक विश्‍वसनीय ग्राहक बनाए हैं। उन्‍होंने कहा कि कंपनी ने अपने वर्षगांठ के अवसर पर पटना वासियों के लिए विशेष देने का फैसला किया है, जिसके त‍हत कासा वै‍दिक प्रोजेक्ट में 31 जुलाई 2017 यानी आज से सात अगस्‍त 2017 के बीच प्‍लॉट बुक कराने या खरीदने वाले ग्राहकों को कंपनी 33.33% की विशेष छूट हो रही है। इसके साथ कंपनी ग्राहकों को ईएमआई की सुविधाएं भी दे रही है, ताकि ज्‍यादा से ज्‍यादा लोग इस अवसर पर लाभ उठा सकें।

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सदियों से इंसान बेहतरी की तलाश में आगे बढ़ता जा रहा है, तमाम तंत्रों का निर्माण इस बेहतरी के लिए किया गया है। लेकिन कभी-कभी इंसान के हाथों में केंद्रित तंत्र या तो साध्य बन जाता है या व्यक्तिगत मनोइच्छा की पूर्ति का साधन। आकाशीय लोक और इसके इर्द गिर्द बुनी गई अवधाराणाओं का क्रमश: विकास का उदेश्य इंसान के कारवां को आगे बढ़ाना है। हम ज्ञान और विज्ञान की सभी शाखाओं का इस्तेमाल करते हुये उन कांटों को देखने और चुनने का प्रयास करने जा रहे हैं, जो किसी न किसी रूप में इंसानियत के पग में चुभती रही है...यकीनन कुछ कांटे तो हम निकाल ही लेंगे।
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