अभी तो तेजस्वी पर कुर्सियां चला रहे हैं, जल्द ही एक दूसरे पर चलाएंगे महागठबंधन के लोग : मंगल पांडेय

पटना, तेवरऑनलाइन। सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर में आयोजित राजद की चुनावी सभा में मची भगदड़ को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बर्चस्व की लड़ाई बताया है। पांडेय ने कहा कि सिमरी बख्तियारपुर की घटना के बाद तथाकथित महागठबंधन का अंतर्कलह सतह पर आ गया है। हाल यह है कि सेमीफाइनल में ही महागठबंधन में हिंसक रूप से सिरफुटौव्वल शुरु हो गया है।

उन्होंने कहा कि अभी तो महागठबंधन के साथी दल के लोग तेजस्वी यादव पर कुर्सियां चला रहे हैं। वह दिन दूर नहीं जब राजद के नेतागण ऐसा ही करते दिखेंगे और आपस में लड़-भिड़ राजद को तिलांजलि देंगे क्योंकि ऐसे सियासी दलों की न तो कोई नीति है और न ही ठोस आधार। उनके संगठन में उपर से लेकर नीचे तक सिर्फ और सिर्फ सत्ता की ललक है, लेकिन बिहार की जनता अब ऐसे दलों और नेताओं के झांसे में आने वाली नहीं है। सभी विस और एक लोस सीट की जनता उपचुनाव में एनडीए पर भरोसा जता न सिर्फ अवसरवादी दलों को उसकी ताकत बताएगी बल्कि जड़-मूल से नाश करने का काम करेगी।

मंगल पांडेय ने कहा कि सिमरी बख्तियारपुर में तथाकथित महागठबंधन के नेता के सामने लोगों ने न सिर्फ कुर्सियां भांजी बल्कि भोली-भाली जनता को भी अनावश्यक चोट खानी पड़ी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार महागठबंधन के तथाकथित नेता के सामने जनता ने अपने गुस्से का इजहार किया, उससे तो यही लगता है कि राज्य की जनता महागठबंधन से मुक्ति चाहती है। एक तेजस्वी यादव हैं कि वो मानने को तैयार नहीं हैं, वे महागठबंधन के नेता बने रहना चाहते हैं। अगर यही स्थिति रही तो सत्ता का ख्वाब देखने वाले महागठबंधन के नेता सदन तो क्या सड़क पर भी बैठने के लायक नहीं रहेंगे।

editor

About editor

सदियों से इंसान बेहतरी की तलाश में आगे बढ़ता जा रहा है, तमाम तंत्रों का निर्माण इस बेहतरी के लिए किया गया है। लेकिन कभी-कभी इंसान के हाथों में केंद्रित तंत्र या तो साध्य बन जाता है या व्यक्तिगत मनोइच्छा की पूर्ति का साधन। आकाशीय लोक और इसके इर्द गिर्द बुनी गई अवधाराणाओं का क्रमश: विकास का उदेश्य इंसान के कारवां को आगे बढ़ाना है। हम ज्ञान और विज्ञान की सभी शाखाओं का इस्तेमाल करते हुये उन कांटों को देखने और चुनने का प्रयास करने जा रहे हैं, जो किसी न किसी रूप में इंसानियत के पग में चुभती रही है...यकीनन कुछ कांटे तो हम निकाल ही लेंगे।
This entry was posted in पहला पन्ना. Bookmark the permalink.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>