चुनी हुई सरकारों को गिराने की साजिशों के खिलाफ राजभवन पर कांग्रेस का प्रदर्शन

पटना। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर बिहार प्रदेश काँग्रेस अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा के नेतृत्व में भाजपा द्वारा लोकतंत्र की हत्या तथा जनता द्वारा चुनी हुई सरकारों को गिराने की साजिशों के खिलाफ राजभवन पर प्रदर्शन किया गया।

इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कि देश में दर्जनभर राज्य ऐसे हैं जहां भाजपा  को बहुमत नहीं मिला चाहे वह गोवा हो हरियाणा हो। अन्य कई ऐसे राज्य है जहां भाजपा को बहुमत नहीं मिला बावजूद वहां सरकार बनाई।  जहां दो-दो एमएलए भी थे वहां भी मोदी और अमित शाह  ने लोकतंत्र को गला घोट कर सरकार बना ली। इससे भी अमित शाह और नरेंद्र मोदी का पेट नहीं भरा तब वह कर्नाटक में कांग्रेस और कुमार स्वामी की सरकार को गिरा कर अनैतिक तरीके से सरकार बनाई। उतना ही नहीं मध्य प्रदेश में पूर्ण बहुमत के सरकार को इस कोरोना काल में गिराकर कर एमएलए को खरीद फरोख्त कर  सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स के  दुरुपयोग  कर सरकार बनाई। बिहार में भी मिले महागठबंधन के जनादेश का चोरी किया गया । डॉ. मदनमोहन झा ने कहा अब फिर वही प्रयास राजस्थान में किया जा रहा है।   पूर्ण बहुमत की सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है। पूरा देश कोरोना काल में जनता की सेवा में व्यस्त हैं और नरेंद्र मोदी और अमित शाह लोकतंत्र के गला घोट कर अनैतिक तरीके से सरकार गिराने और  बनाने में मस्त हैं। उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि बिहार में विधानसभा का सत्र चल सकता है। कई ऐसे राज्य हैं जहां विधानसभा के सत्र बुलाई गई है। फिर  राजस्थान में विधानसभा का सत्र बुलाने में क्या एतराज है। राष्ट्रपति महोदय से आग्रह  हैं राजस्थान में जो राजनितिक अस्थिरता है उसको  समाप्त करने के लिए   राजस्थान के महामहिम राज्यपाल को निर्देश दें अति शीघ्र विधानसभा का सत्र बुलाकर  राजस्थान के राजनीति संकट  को टाला जा सके।

इस प्रदर्शन में कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. समीर कुमार सिंह, श्याम सुंदर सिंह धीरज, प्रेम चंद्र मिश्र, एमएलसीए राजेश कुमार, विधायक मदन मोहन तिवारी,  विधायक बंटी चौधरी सहित सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के उपरांत महामहिम राज्यपाल को एक ज्ञापन भी सौंपा गया।

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सदियों से इंसान बेहतरी की तलाश में आगे बढ़ता जा रहा है, तमाम तंत्रों का निर्माण इस बेहतरी के लिए किया गया है। लेकिन कभी-कभी इंसान के हाथों में केंद्रित तंत्र या तो साध्य बन जाता है या व्यक्तिगत मनोइच्छा की पूर्ति का साधन। आकाशीय लोक और इसके इर्द गिर्द बुनी गई अवधाराणाओं का क्रमश: विकास का उदेश्य इंसान के कारवां को आगे बढ़ाना है। हम ज्ञान और विज्ञान की सभी शाखाओं का इस्तेमाल करते हुये उन कांटों को देखने और चुनने का प्रयास करने जा रहे हैं, जो किसी न किसी रूप में इंसानियत के पग में चुभती रही है...यकीनन कुछ कांटे तो हम निकाल ही लेंगे।
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