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सात समुन्दर पार इंडोनेशिया के मध्य जावा स्थित विश्वविख्यात प्रम्बानन मंदिर में महाशिवरात्रि की धूम: भारत की ओर से लेखक-समाजसेवी डॉ. इंद्रजीत शर्मा ने विशेष व्याख्यान दिया।

पंडित तिलक राज शर्मा स्मृति न्यास, संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से ‘विश्व शांति पुरस्कार’ भी प्रदान किया गया। इंडोनेशिया के पर्यटन उपमंत्री नी लु एनिक एरमावती, संस्कृति उपमंत्री गिरिंग गणेश जुमारियो, जनसंख्या एवं परिवार विकास उपमंत्री रातु आयु इस्याना बागुस ओका तथा धार्मिक मंत्रालय के निदेशक डॉ. इ नेनगा दुइजा सहित कई गणमान्य जन सम्मानित हुए। इंडोनेशिया में भारत के राजदूत श्री संदीप चक्रवर्ती ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।

राजू बोहरा / विशेष संवाददाता
इंडोनेशिया के मध्य जावा स्थित विश्वविख्यात प्रम्बानन मंदिर परिसर में महाशिवरात्रि का पावन पर्व गहन श्रद्धा, सौंदर्य और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। शताब्दियों बाद इस प्राचीन शिवालय के प्रांगण में ऐसा व्यापक और भावपूर्ण आयोजन हुआ, जिसने इतिहास और वर्तमान को एक ही आलोक में जोड़ दिया।

नौवीं शताब्दी (लगभग 850 ईस्वी) में मातरम (संजय) वंश के पराक्रमी शासक राजा रकाई पिकातन के काल में आरंभ हुआ यह भव्य मंदिर दक्षिण-पूर्व एशिया का सबसे विशाल हिंदू मंदिर परिसर माना जाता है। त्रिमूर्ति; ब्रह्मा, विष्णु और शिव, को समर्पित इस परिसर का केंद्रीय शिव मंदिर लगभग 47 मीटर ऊँचा है, जो जावानी स्थापत्य की उत्कर्ष अभिव्यक्ति है। ऊर्ध्वमुखी शिखर, सूक्ष्म नक्काशी और रामायण के विस्तृत उत्कीर्ण दृश्य इसकी सांस्कृतिक गहराई के साक्ष्य हैं। लगभग 240 मंदिरों वाले इस समूह को 1991 में यूनेस्को ने विश्व धरोहर का दर्जा दिया। 2006 के भूकंप में क्षति के बाद हुए संरक्षण-पुनरुद्धार कार्य ने इंडोनेशिया की विरासत-निष्ठा को भी रेखांकित किया। सन 27 मई 2006 को आए 6.3 तीव्रता के भूकंप में लगभग 5,700 से अधिक लोगों की मृत्यु, 37,000 से अधिक लोग घायल तथा लगभग 6 लाख लोग बेघर हो गए। इस आपदा से प्रम्बानन मंदिर परिसर को भी गंभीर संरचनात्मक क्षति पहुँची, जिसके कारण इसे अस्थायी रूप से बंद कर संरक्षण और पुनरुद्धार कार्य किया गया।

महाशिवरात्रि की रात्रि में 1008 दीपों का प्रज्वलन और भगवान शिव के 1008 नामों का सामूहिक जप वातावरण को दिव्य तेज से भर गया। शिव तांडव की कलात्मक प्रस्तुतियों और डमरू की नादमयी ध्वनि ने उपस्थित जनसमूह को भावलोक में पहुंचा दिया। ‘महागंगा तीर्थ गमन’ और ‘अभिषेकम’ अनुष्ठानों में 36 प्रांतों से लाए गए पवित्र जल के कलशों के साथ भारत की गंगा, नर्मदा और ब्रह्मपुत्र का पावन जल भी सम्मिलित हुआ, जिसे भारत से रसा आचार्य धर्मयश द्वारा लाया गया। लगभग 1000 मीटर लंबा इंडोनेशिया का राष्ट्रीय ध्वज शोभायात्रा का केंद्र बना,आस्था और राष्ट्रनिष्ठा का सहज संगम।

“टेंपल यूटिलाइजेशन वर्किंग टीम” के तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ने इस उत्सव को वैचारिक आयाम दिया। इंडोनेशिया के पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक मंत्रालयों तथा इंडोनेशिया हिंदू परिषद के सहयोग से संपन्न सम्मेलन का आरंभ राष्ट्रगीत और वैदिक प्रार्थना से हुआ। जावा के कलाकारों की पारंपरिक नृत्य प्रस्तुति के बाद विभिन्न देशों से आए विद्वानों ने शिव-तत्त्व, अद्वैत चेतना और वैश्विक सद्भाव पर अपने विचार रखे। भारत की ओर से अमेरिका स्थित विद्वान डॉ. इंद्रजीत शर्मा ने विशेष व्याख्यान दिया।

पंडित तिलक राज शर्मा स्मृति न्यास, संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से ‘विश्व शांति पुरस्कार’ भी प्रदान किया गया। इंडोनेशिया के पर्यटन उपमंत्री नी लु एनिक एरमावती, संस्कृति उपमंत्री गिरिंग गणेश जुमारियो, जनसंख्या एवं परिवार विकास उपमंत्री रातु आयु इस्याना बागुस ओका तथा धार्मिक मंत्रालय के निदेशक डॉ. इ नेनगा दुइजा सहित कई गणमान्य जन सम्मानित हुए। इंडोनेशिया में भारत के राजदूत श्री संदीप चक्रवर्ती ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।

प्रम्बानन में महाशिवरात्रि का यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि राजा रकाई पिकातन की ऐतिहासिक धरोहर में जीवित शैव परंपरा का पुनर्प्रकाश था,भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक स्मृति का उज्ज्वल प्रमाण। ‘बम बम भोले’ की गूंज ने स्मरण कराया कि संस्कृति की जड़ें समय से परे होती हैं,वे महासागरों को पार कर महाद्वीपों को जोड़ती हैं और पीढ़ियों को प्रेरित करती हैं।

raju bohra

लेखक पिछले 28 वर्षो से बतौर फ्रीलांसर फिल्म- टीवी पत्रकारिता कर रहे हैं और देश के सभी प्रमुख समाचार पत्रों तथा पत्रिकाओ में इनके रिपोर्ट और आलेख निरंतर प्रकाशित हो रहे हैं,साथ ही देश के कई प्रमुख समाचार-पत्रिकाओं के नियमित स्तंभकार रह चुके है,पत्रकारिता के अलावा ये बतौर प्रोड्यूसर दूरदर्शन के अलग-अलग चैनल्स और ऑल इंडिया रेडियो के लिए धारावाहिकों और डॉक्यूमेंट्री फिल्म का निर्माण भी कर चुके है। आपके द्वारा निर्मित एक कॉमेडी धारावाहिक ''इश्क मैं लुट गए यार'' दूरदर्शन के''डी डी उर्दू चैनल'' प्रसारित हो चुका है। संपर्क - journalistrajubohra@gmail.com मोबाइल -09350824380

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