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Thursday, June 30, 2022

विक्की और जैकी

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विक्की और जैकी (कहानी ) आज तो उसका रवैया देख मुझे कुछ समझ नहीं आया. वो दिखावा था, एक माँ का क्षणिक क्रोध था या...

मात खाती जिंदगी (कविता)

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मात खाती जिंदगी मुझसे सवाल करती है और मैं उसे यकीन दिलाता हूं उस विजय का जिसके लिए कई लोगों ने अपनी जिंदगियों को दांव पर लगाया है जब...

अज्ञेय को जनविरोधी कहना अधूरी समझ : नामवर

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हिन्दू कालेज में अज्ञेय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी इष्टदेव सांस्कृतयायन, नई दिल्ली दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दू कालेज में अज्ञेय की जन्म शताब्दी के अवसर पर विश्वविद्यालय अनुदान...

‘मैं खुश हूँ औजार बन तू, तू ही बन हथियार…’

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चाणक्य ने कहा था अगर किसी राष्ट्र को सम्पूर्ण वैभव देना हो तो उसकी संस्कृति और शिक्षा पे ध्यान देने की जरूरत है।| अगर...

बाइट, प्लीज (part 21)

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44. महेश सिंह और विज्ञापन मैनेजर मंगल सिंह को लेकर पटना दफ्तर में यह अफवाह फैली हुई थी कि दोनों को इस्तीफा देकर जाने को...

काले कागज़ पे काली स्याही असर क्यों छोड़े !(कविता)

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हज़ारों अर्जियों पड़ी हैं उनके  मेज़ पर कब से तेरे अर्जी की दाखिली का वक़्त कल ही आएगा..! खड़े रहो तब-तलक, बनो कतार का हिस्सा.. थक के...

यह युद्ध तुम्हें जीतना होगा

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   चंदन कुमार मिश्र (देश में वर्षों से हिन्दी के खिलाफ चल रही साजिश पर चंदन कुमार मिश्र ने एक पुस्तक लिखी है। इस पुस्तक में...

लिखा – अनलिखा (कविता)

अनिता गौतम, बदहवासी में छोड़ आता सागर सीपियों को तट पर, फिर उन्हीं की चाहत उसे खींच लाती बार बार, लागातार और दम तोड़ती लहरें यह बात समझ नहीं...

आम आदमी का संविधान

निर्भय देवयांश एक आदमी जिसके पास देने के लिए कुछ भी नहीं आखिर यही आदमी सबसे अधिक चिंता क्यों करता है हमलोगों के बारे में, देश दुनिया...