पहला पन्ना

दुबई में गूंजेगा देवभूमि का लोकसंगीत, हेमा नेगी करासी सहित उत्तराखंड के दिग्गज कलाकार आज बिखेरेंगे सुरों का जादू

‘कोतिक दुबई’ के सांस्कृतिक आयोजन में जागर, लोकगीतों और उत्तराखंड की समृद्ध परंपराओं की होगी प्रस्तुति; प्रवासी उत्तराखंडियों को अपनी माटी की संस्कृति से जुड़ने का मिलेगा अवसर

राजू बोहरा / विशेष संवाददाता
उत्तराखंड। उत्तराखंड की लोक संस्कृति अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान को और मजबूत करने की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ने जा रही है। देवभूमि के पारंपरिक जागर, लोकगीतों और सांस्कृतिक विरासत की गूंज आज, 25 अक्टूबर को दुबई में आयोजित होने वाले ‘कोतिक दुबई’ के सांस्कृतिक कार्यक्रम में सुनाई देगी। इस आयोजन में उत्तराखंड की सुप्रसिद्ध जागर सम्राज्ञी एवं लोकगायिका हेमा नेगी करासी के साथ प्रदेश के कई जाने-माने कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाएंगे।

इस सांस्कृतिक यात्रा में लोकगायक गजेंद्र राणा, स्वाती भट्ट, नीरज नयाल, मनोज डोरियाल और सूरज चंद भी शामिल हैं। कलाकारों का यह दल दुबई पहुंचकर उत्तराखंड की संगीत परंपराओं, लोकभावनाओं और सांस्कृतिक विविधता का प्रतिनिधित्व करेगा। कलाकारों की भागीदारी से कार्यक्रम में गढ़वाली लोकसंगीत और पारंपरिक सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को प्रमुखता मिलने की उम्मीद है।

जागर और लोकगीतों के जरिए संस्कृति से जुड़ेगा प्रवासी समाज
उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान में जागर, लोकगीतों और पारंपरिक गायन का विशेष स्थान है। ये केवल मनोरंजन के माध्यम नहीं, बल्कि प्रदेश की लोकआस्थाओं, रीति-रिवाजों, सामुदायिक जीवन और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं के वाहक भी हैं। दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय शहर में इन सांस्कृतिक विधाओं की प्रस्तुति प्रवासी उत्तराखंडियों के लिए अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर बनेगी।
विदेशों में रहने वाली उत्तराखंडी पीढ़ियों के लिए ऐसे आयोजन अपनी मातृभूमि की भाषा, संगीत और परंपराओं से परिचित होने का माध्यम भी बनते हैं। वहीं, दूसरे देशों के दर्शकों को उत्तराखंड की लोककला और सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने का अवसर मिलता है।

‘कोतिक दुबई’ की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका
इस आयोजन को सफल बनाने में ‘कोतिक दुबई’ से जुड़े आयोजकों बसंत तिवारी, शंकर शाह, जीवन भट्ट, नवीन जोशी और गोविंद फर्तियाल सहित पूरी आयोजन टीम की महत्वपूर्ण भूमिका है। आयोजन से जुड़े लोगों की पहल का उद्देश्य उत्तराखंड की लोक संस्कृति को प्रवासी समाज के बीच प्रोत्साहित करना और पारंपरिक संगीत को व्यापक मंच उपलब्ध कराना है।
हेमा नेगी करासी और अन्य कलाकारों की सहभागिता इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण है। उत्तराखंड की लोक परंपराओं को समर्पित इन कलाकारों की प्रस्तुतियों से दुबई में बसे उत्तराखंडियों को अपनी भाषा, लोकधुनों और सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करने का अवसर मिलेगा।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान
उत्तराखंड की लोकसंस्कृति अपनी विशिष्ट गायन शैलियों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों, लोककथाओं और सामूहिक उत्सवों के लिए जानी जाती है। विदेशों में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम इस विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर इसकी पहचान बढ़ाने में भी सहायक होते हैं।

आज दुबई में होने वाला ‘कोतिक दुबई’ का आयोजन इसी सांस्कृतिक जुड़ाव की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। हेमा नेगी करासी और उत्तराखंड के अन्य कलाकारों की प्रस्तुतियों के माध्यम से देवभूमि के संगीत और परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय श्रोताओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। यह आयोजन प्रवासी समाज के लिए अपनी माटी की खुशबू महसूस करने और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाने का अवसर लेकर आया है।

raju bohra

लेखक पिछले 28 वर्षो से बतौर फ्रीलांसर फिल्म- टीवी पत्रकारिता कर रहे हैं और देश के सभी प्रमुख समाचार पत्रों तथा पत्रिकाओ में इनके रिपोर्ट और आलेख निरंतर प्रकाशित हो रहे हैं,साथ ही देश के कई प्रमुख समाचार-पत्रिकाओं के नियमित स्तंभकार रह चुके है,पत्रकारिता के अलावा ये बतौर प्रोड्यूसर दूरदर्शन के अलग-अलग चैनल्स और ऑल इंडिया रेडियो के लिए धारावाहिकों और डॉक्यूमेंट्री फिल्म का निर्माण भी कर चुके है। आपके द्वारा निर्मित एक कॉमेडी धारावाहिक ''इश्क मैं लुट गए यार'' दूरदर्शन के''डी डी उर्दू चैनल'' प्रसारित हो चुका है। संपर्क - journalistrajubohra@gmail.com मोबाइल -09350824380

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button