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अर्ध-नारी नटेश्वर – अनान’ फिल्म का प्रीमियर,मराठी और हिंदी भाषा में यह फिल्म अब यूट्यूब पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है

अर्ध-नारी नटेश्वर – अनान’ फिल्म का प्रीमियर,मराठी और हिंदी भाषा में यह फिल्म अब यूट्यूब पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध ह

अमरनाथ, मुंबई।—WS&V विज़ीप्लेक्स ने फीचर फिल्म ‘अर्ध-नारी नटेश्वर – अनान’ (मराठी और हिंदी संस्करण) के यूट्यूब प्रीमियर और रिलीज़ की घोषणा की है। भारतीय सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जाने वाली यह फिल्म अध्यात्म, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता का संगम प्रस्तुत करती है। इसके प्रमुख विषय गरिमा, सशक्तिकरण और संवेदनशीलता हैं।
इस भव्य प्रीमियर कार्यक्रम में कई विशिष्ट अतिथि और फिल्म से जुड़े प्रमुख कलाकार उपस्थित रहे। विशेष अतिथि और ट्रांसजेंडर अधिकार कार्यकर्ता गौरी सावंत (चारचौघी एनजीओ) ने भी फिल्म ‘अर्ध-नारी नटेश्वर – अनान’ (मराठी और हिंदी) का समर्थन किया। चारचौघी संस्था के प्रतिनिधियों ने संवेदनशीलता और समावेशिता के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
फिल्म के निर्माताओं हेमंत भाटिया और रोहन भाटिया ने कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों का स्वागत किया।
निर्माता हेमंत भाटिया ने कहा,
“विज़ीप्लेक्स, जो एक यूट्यूब प्लेटफॉर्म है, अधिक से अधिक क्षेत्रीय और भारतीय फिल्मों को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास करता है। हमने अब इस फिल्म को विज़ीप्लेक्स के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर रिलीज़ किया है। हम सभी दर्शकों से इसे देखने का आग्रह करते हैं, क्योंकि यह निःशुल्क उपलब्ध है और हिंदी व मराठी दोनों भाषाओं में देखी जा सकती है।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारा उद्देश्य महाराष्ट्र की सांस्कृतिक जड़ों का सम्मान करने वाली और संवेदनशीलता व्यक्त करने वाली फिल्म बनाना था। मैं एक व्यवसायी हूं, लेकिन संयोग से मुझे ऐसे स्थानों पर जाने का अवसर मिला जहां मैंने ट्रांसजेंडर समुदाय को अलग दृष्टिकोण से देखा। इसके बाद मैंने इस विषय पर गहन अध्ययन किया और फिर इस पर फिल्म बनाने का निर्णय लिया।”
फिल्म के निर्देशक राजेश कुष्टे ने कहा, “समाज में संवेदनशीलता को मानवीय रूप देने और सामाजिक जागरूकता पैदा करने की जरूरत है। ‘अर्ध-नारी नटेश्वर – अनान’ केवल एक फिल्म नहीं है, बल्कि संतुलन, सम्मान और जागरूकता का संदेश देने वाला प्रयास है।”
फिल्म के मुख्य अभिनेता ओंकार शिंदे ने कहा,“मुझे उम्मीद है कि WS&V-Viziplex प्लेटफॉर्म पर इस फिल्म का प्रीमियर इसे भारत और दुनिया भर में पहचान दिलाएगा। यह फिल्म संवेदनशीलता, करुणा और मानवता का समकालीन संदेश देती है। मुझे विश्वास है कि यह संदेश विशेष रूप से भारतीय प्रवासी समुदाय, खासकर महाराष्ट्र के प्रवासियों तक भी पहुंचेगा।
मैं पेशे से एक भरतनाट्यम नर्तक हूं, और इसी कारण मुझे इस फिल्म में कास्ट किया गया। मैं इसमें युवराज की भूमिका निभा रहा हूं। इस फिल्म से हमारी कई यादें जुड़ी हैं और आज भी हम सभी कलाकार अच्छे दोस्त हैं।”
फिल्म की मुख्य अभिनेत्री सुखदा खांडकेकर ने कहा,
“इस सामाजिक रूप से प्रेरित फिल्म का हिस्सा होना मेरे लिए गर्व की बात है। यह बहुत ही संवेदनशील विषय पर आधारित फिल्म है और अपने समय से काफी आगे की सोच प्रस्तुत करती है। ऐसे विषय पर फिल्म बनाने का साहस बहुत कम निर्माता और निर्देशक करते हैं, क्योंकि आमतौर पर लोग सिर्फ व्यावसायिक फिल्म बनाना चाहते हैं। हेमंत भाटिया ने सबसे पहले इस कहानी की कल्पना की और उसे साकार किया। अब यह फिल्म आप सभी तक पहुंच चुकी है, इसलिए मुझे खुशी है कि इसे अधिक दर्शक मिलेंगे।”
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और प्रसिद्ध अभिनेता पंकज रैना ने कहा, “यह फिल्म इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि सिनेमा अपनी विरासत को संभालते हुए समकालीन सामाजिक मुद्दों को कैसे सामने ला सकता है।”

फीचर फिल्म ‘अर्ध नारी नटेश्वर: अनान’
‘अर्ध नारी नटेश्वर: अनान’ एक मराठी भावनात्मक पारिवारिक ड्रामा फिल्म है, जो वर्ष 2017 में सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी। इस फिल्म का निर्देशन राजेश कुष्टे ने किया है और इसकी कहानी व क्रिएटिव डायरेक्शन हेमंत भाटिया ने किया है।
फिल्म में प्रार्थना बेहेरे, ओंकार शिंदे, सुखदा खांडकेकर, सुयोग गोरहे और शिल्पा तुलसकर प्रमुख भूमिकाओं में हैं। मुख्य कलाकार ओंकार शिंदे और सुखदा खांडकेकर ने फिल्म के यूट्यूब पर रिलीज़ होने पर खुशी व्यक्त की है।
यूट्यूब प्रीमियर कार्यक्रम ने फिल्म की पूरी टीम को फिर से एक मंच पर एकत्र कर दिया।
फिल्म में प्रार्थना बेहेरे और ओंकार शिंदे मुख्य भूमिकाओं में हैं। इनके साथ सुखदा खांडकेकर, सुयोग गोरहे, उदय नेने, प्राजक्ता माली, शिल्पा तुलसकर, यतीन कार्येकर, वीणा जगताप, अक्षता तिखे, राजेंद्र शिसेटकर, स्नेहा रायकर और भूमि डेली भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आते हैं।

editor

सदियों से इंसान बेहतरी की तलाश में आगे बढ़ता जा रहा है, तमाम तंत्रों का निर्माण इस बेहतरी के लिए किया गया है। लेकिन कभी-कभी इंसान के हाथों में केंद्रित तंत्र या तो साध्य बन जाता है या व्यक्तिगत मनोइच्छा की पूर्ति का साधन। आकाशीय लोक और इसके इर्द गिर्द बुनी गई अवधाराणाओं का क्रमश: विकास का उदेश्य इंसान के कारवां को आगे बढ़ाना है। हम ज्ञान और विज्ञान की सभी शाखाओं का इस्तेमाल करते हुये उन कांटों को देखने और चुनने का प्रयास करने जा रहे हैं, जो किसी न किसी रूप में इंसानियत के पग में चुभती रही है...यकीनन कुछ कांटे तो हम निकाल ही लेंगे।

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