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Thursday, December 1, 2022
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सम्पादकीय पड़ताल

राहें कब आसान थी !

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अनिता गौतम बिहार की राजनीति इन दिनों दो धुरी के इर्दगिर्द घूम रही है। एक ओर केंद्र में मोदी के नेतृत्व में काबिज होने के...

जंगल राज का सिक्का आखिर कब तक !

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अनिता गौतम बिहार विधान सभा चुनाव में चुनाव पूर्व यह बात तय हो चुकी थी कि महागठबंधन के आकड़े चाहे किसी की भी पार्टी के...

शिक्षकों को लेकर सांप और छछूंदर की स्थिति में नीतीश हुकूमत

नियोजित शिक्षकों (ठेकेदारी प्रथा पर रखे गये) को लेकर बिहार में नीतीश सरकार की स्थिति सांप और छछूंदर वाली हो गई है, न उगलते...

नीतीश के मायने !

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अनिता गौतम सारी दुनिया एक तरफ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक तरफ। फिलहाल की स्थिति और उनकी बिहार के लिए समर्पित कार्यशैली...

क्या अभिव्यक्ति की आजादी की सीमा भी समझते हैं तेजस्वी?

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क्या सोशल मीडिया पर का एकाऊउंट बना कर किसी सरकारी अधिकारी, पुलिसकर्मी, मंत्री या फिर सार्वजनिक नेता का चरित्र हनन करने की स्वतंत्रता देना...

राजदीप पर हमले से स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी भी शर्मसार हुई होगी

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आलोक नंदन न्यूयार्क के मेडिसन स्कवायर गार्डन में एक तरफ ‘भारत भाग्य विधाता’ की भूमिका अख्तियार कर चुके पीएम नरेंद्र मोदी की भव्य स्वागत में...