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साहित्य अकादेमी के सभागार में पं. तिलकराज शर्मा स्मृति न्यास, संयुक्त राज्य अमेरिका के तत्वावधान में “सम्मान समारोह एवं पुस्तक लोकार्पण -2026” का भव्य आयोजन

 पद्मभूषण वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक राम बहादुर राय को प्रदान किया गया एक लाख एक हज़ार रुपए का सम्मान

राजू बोहरा / वरिष्ठ संवाददाता…बुधवार 14 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के मंडी हाउस स्थित रवीन्द्र भवन के प्रांगण में साहित्य अकादेमी के सभागार में पं. तिलकराज शर्मा स्मृति न्यास, संयुक्त राज्य अमेरिका के तत्वावधान में “सम्मान समारोह एवं पुस्तक लोकार्पण – 2026” का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रतिष्ठित उद्यमी एवं वरिष्ठ साहित्यकार बी. एल.गौड़ ने की। मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, भारत के पूर्व शिक्षमंत्री, पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथियों में भोपाल विश्व रंग के संस्थापक एवं वरिष्ठ साहित्यकार संतोष चौबे, प्रतिष्ठित समाजसेवी एवं पं. तिलकराज स्मृति न्यास के अध्यक्ष एवं सर्वेसर्वा इंद्रजीत शर्मा तथा इंडोनेशिया के साहित्यकार रसाचार्य ई. मादे धर्मयश मंचासीन रहे। समारोह का संचालन शिक्षाविद् एवं साहित्यकार डॉ. विवेक गौतम ने किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पं. तिलकराज शर्मा के चित्र पर श्रद्धा-सुमन अर्पित करने से हुआ। उसके बाद पद्मभूषण राम बहादुर राय को पं. तिलकराज स्मृति न्यास के अध्यक्ष इंद्रजीत शर्मा एवं मंचासीन गणमान्य विभूतियों के कर-कमलों द्वारा न्यास के सर्वोच्च सम्मान के तहत माल्यार्पण, शाल ओढ़ाकर, प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिन्ह सहित ₹1,01,000/- की सम्मान राशि भी प्रदान की गई। साथ ही अन्य मंचासीन गणमान्य व्यक्तित्वों का भी सम्मान माल्यार्पण एवं शाल ओढ़ाकर किया गया।

कार्यक्रम को गति प्रदान करते हुए डॉ. विवेक गौतम ने इंद्रजीत शर्मा को आरंभिक उद्बोधन के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने देश-विदेश में न्यास के अंतर्गत निरंतर गतिशील गतिविधियों के संबंध में संक्षिप्त उद्गारों के साथ महत्वपूर्ण विवरण प्रस्तुत किया।
बी.एल.गौड़ ने डॉ. विवेक गौतम के व्यक्तित्व और कृतित्व से लोगो को अवगत कराया। सौरभ पाण्डेय, मणिंद्र जैन इत्यादि विद्वतजनों के व्यक्तित्व से परिचय कराया। तदोपरांत, उन्होंने अपनी दो कृतियां संतोष चौबे को सौंपते हुए उनके संबंध में संक्षिप्त जानकारी उपस्थित जनसमुदाय से साझा की।

संतोष चौबे ने इंद्रजीत शर्मा की प्रशंसा करते हुए राम बहादुर राय के व्यक्तित्व पर संक्षिप्त विचार प्रस्तुत किए। साथ ही अपने जीवन से जुड़े एक अनुभव को श्रोताओं के समक्ष रखते हुए मौलिक ग़ज़ल के वाचन सुनाकर अपनी वाणी को विराम दिया।
रसाचार्य ई.मादे धर्मयश ने अपने उदबोधन में स्वयं के नाम को व्याख्यायित करते हुए अवगत कराया कि मादे परिवार के दूसरे नंबर के पुत्र को पुकारा जाता है।हमें ऐसे आयोजनों से यह शिक्षा लेकर जाना चाहिए कि हम अपने बच्चों के लिए कुछ-न-कुछ ग्रहण करके उन्हें अवश्य बताएं। तभी हमारी संस्कृति को आगे ले जाने में सहायता और सहयोग मिलेगा। राम बहादुर राय ने अपने संक्षिप्त वक्तव्य में उन्हें सम्मानित करने हेतु धन्यवाद और आभार ज्ञापित किया।

डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने अपने उद्बोधन के माध्यम से कहा कि यह कार्यक्रम हमें बहुत कुछ सिखाते हैं, जिन्हें हम सभी को जीवन में आत्मसात करना चाहिए। हमें आने वाले परिवर्तनों और आने वाली नई पीढ़ी को जानने और समझने की आवश्यकता है। बी.एल. गौड़ ने देहरादून स्थित लेखक ग्राम का दौरा करने के बाद उसे पुस्तक का आकार दिया, यह प्रकरण प्रशंसनीय और प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा हमें राम बहादुर राय के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए कि आपातकाल की कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए भी उन्होंने सच्चाई से समझौता नहीं किया।नरेंद्र मोदी के जीवन के कुछ प्रकरणों का जिक्र करते हुए श्रोताओं को लाभान्वित किया।

अध्यक्ष बी.एल.गौड़ ने अपने और राम बहादुर राय के व्यक्तिगत जीवन से जुड़े रोचक संस्मरण पर बात की।लखनऊ का जिक्र करते हुए कहा कि राम बहादुर राय को सम्मानों के प्रति कोई आकर्षण कभी नहीं रहा।वे 46 वर्षों से पत्रकारिता जगत में हैं। एशियन गेम्स के दौरान सृजित अपनी कविता ‘पिताजी एक अच्छा काम कर गए’ के काव्य पाठ के साथ उन्होंने अपना वक्तव्य पूर्ण किया। पत्रकार एवं संपादक विपिन गुप्ता ने अपने अतिसंक्षिप्त उद्बोधन में अवगत कराया कि विक्रम राव और राम बहादुर राय मात्र यही दो पत्रकार आपातकाल के दौरान जेल में थे। उनके त्याग और समर्पण से ही पत्रकारिता को सजगता मिली है।

श्रोता-दीर्घा में प्रोफ़ेसर अतुल नासा,एस.जी.टी.विश्वविद्यालय, गुरुग्राम, राहुल गौड़, सी.ए.अनिल गुप्ता, डॉ . वीणा मित्तल,डॉ.सविता चडढा, अनिल जोशी, प्रेम भारद्वाज ‘ज्ञानभिक्षु’, शोभना श्याम, अतुल विष्णु प्रभाकर, प्रसून लतांत, डॉ.जगदीश व्योम, कमलेश भट्ट ‘कमल’, राम अवतार बैरवा, सौरभ पाण्डेय, उषा किरण ‘गिरधर’, सरोज जोशी, जवाहर कर्णावट, डॉ.राकेश पाण्डेय, नीरज त्यागी, सुशील कुमार शर्मा, कुमार सुबोध, रविन्द्र कुमार अमन, डॉ. नीलम वर्मा, डॉ. सुरेश चंद्र शुक्ल, दीपक सहरावत, आर्यवीर सहरावत, छाया शर्मा सहरावत, अंजु शर्मा, शारदा शर्मा, मनीष शर्मा, कपिल नागर, इंजीनियर सुनील गौतम,राजन पाराशर, राजेन्द्र गौतम, प्रो.सरोज खन्ना, इत्यादि प्रमुख रहे।
अंत में, विपिन गुप्ता ने कार्यक्रम में देश-विदेश से पधारे सभी विद्वतजनों एवं आगंतुकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए धन्यवाद और आभार ज्ञापित करने के साथ यह भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ।

raju bohra

लेखक पिछले 28 वर्षो से बतौर फ्रीलांसर फिल्म- टीवी पत्रकारिता कर रहे हैं और देश के सभी प्रमुख समाचार पत्रों तथा पत्रिकाओ में इनके रिपोर्ट और आलेख निरंतर प्रकाशित हो रहे हैं,साथ ही देश के कई प्रमुख समाचार-पत्रिकाओं के नियमित स्तंभकार रह चुके है,पत्रकारिता के अलावा ये बतौर प्रोड्यूसर दूरदर्शन के अलग-अलग चैनल्स और ऑल इंडिया रेडियो के लिए धारावाहिकों और डॉक्यूमेंट्री फिल्म का निर्माण भी कर चुके है। आपके द्वारा निर्मित एक कॉमेडी धारावाहिक ''इश्क मैं लुट गए यार'' दूरदर्शन के''डी डी उर्दू चैनल'' प्रसारित हो चुका है। संपर्क - journalistrajubohra@gmail.com मोबाइल -09350824380

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