द्वितीय राहुल गांधी नेशनल एजूकेशन एण्ड मीडिया अवार्ड समारोह सम्पन्न

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नई दिल्ली , वेब पत्रिका राहुल गांधी का भारत डॉट कॉम व किसान यात्रा संदेश हिन्दी मासिक पत्रिका द्वारा नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजिक एक भव्य समारोह के बीच चुनिंदा मीडिया कर्मी एवं शिक्षाविदों को द्वितीय राहुल गांधी नेशनल एजूकेशन एण्ड मीडिया अवार्ड से सम्मानित किया गया। समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री भारत सरकार श्री हरीश रावत, केन्द्रीय राज्यमंत्री भारत सरकार महादेव सिंह खंडेला, सांसद श्री गजेन्द्र सिंह राजू खेड़ी, सांसद श्री महाबल मिश्रा, सांसद व पूर्व केन्द्रीय मंत्री कैप्टन जय नारायण प्रसाद निषाद, एम एल सी श्री सुधाकर रेड्डी, एआईसीसी सदस्य श्री गोपाल पहाड़िया, एआइसीसी सदस्य अल्का लांबा, मणिपुर के पूर्व आइ जी पुलिस श्री गांगटे, अमेरिका में बिहार के जाने माने ज्योतिषाचार्य श्री दिनेश प्रसाद वर्मा, पत्रिका के प्रबंध संपादक श्री कुणाल शर्मा, राजनीतिक संपादक श्री राकेश कुमार सिंह, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी श्री सुशील श्रीवास्तव (प्रधान संपादक रौशनी दर्शन) ,  पूज्य गुरुजी सूर्यभान महाराज जी एवं सागर मध्यप्रदेश ब्यूरो प्रमुख श्री दुर्गेश शुक्ला सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे। समारोह में उपस्थित मंचासीन अतिथियों , मुख्यत: पत्रिका के प्रधान संपादक पंडित नरेन्द्र शर्मा ने राहुल गांधी को प्रधान मंत्री बनाये जाने का जोरदार पक्ष रखा। इस वर्ष सम्मानित विभूतियों में वरिष्ठ पत्रकार श्री शाहिद रहीम ( मीडिया रिसर्चर ऑवजर्वर फाउंडेशन), वरिष्ठ पत्रकार श्री सुभाष निगम (यूनिवार्ता) , श्री आलोक प्रियदर्शी ( द पब्लिक एजेण्डा) , धनंजय कुमार (नेशनल दुनिया) , सत्यप्रकाश त्रिपाठी डी एल ए, राजीव रंजन (हिन्दुस्तान) , अजीत कुमार (दैनिक भाष्कर) , संजीव गुप्ता (दैनिक जागरण), इन्द्र मोहन सिंह ( द वॉयस एण्ड पॉलिटिक्स), शिवेश गर्ग ( दैनिक नवज्योति), नवकांत ठाकुर (स्वतंत्र भारत) , संतोष राय ( सहारा समय नेशनल) , अंजु निर्वाण ( जी न्यूज) , अरविन्द ओझा ( न्यूज 24) , भरत पांडेय (अमर उजाला), समृद्धि भटनागर ( डीजायर) , शिल्पा पुंडरिक ( जी न्यूज) प्रियंका भारद्वाज ( आकाशवाणी), अशोक चुघ ( जी टाइम्स) सहित देश भर के अनेक चुने हुये शिक्षाविद् भी सम्मानित किए गए ।

6 COMMENTS

  1. संतो का कहना है कि मानव शरीर धारण करके सत्कर्म करने वाली जीवात्माएं परमात्मा-शक्ति मां भगवती के धाम में विराजमान हो उनके पाशदों में शामिल होने का अवसर पा सकते हैं जबकि, कर्मपतित होने वाले पुनः चौरासी लाख योनियों में भटकते हुए नाना प्रकार के नर्कों का दुखभोग पाऐंगें। हमें किसी भी स्थिति में यह नहीं भूलना चाहिये कि हम प्राणियों में जो भी जीवनीय द्याक्ति है वह आदिशक्ति का अंद्गामात्र है और आदिशक्ति की प्रेरणा को समझना परम आवद्यक है।
    Thanks for your cooperation ANITA JI..

  2. ब्राह्मांड का कण-कण मां आदिशक्ति की रचना है और उन्हीं की शक्ति से शक्तिमान है। मनुष्य को सदैव यह बोध बना रहना चाहिये कि मैं भी उसी रचना का एक अंग हूं और दूसरे समस्त अंगो, समस्त रचना के प्रति सदभावपूर्ण व्यवहार करना चाहिये। बहुत बहुत बधाई…

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