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Saturday, December 3, 2022
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सदियों से इंसान बेहतरी की तलाश में आगे बढ़ता जा रहा है, तमाम तंत्रों का निर्माण इस बेहतरी के लिए किया गया है। लेकिन कभी-कभी इंसान के हाथों में केंद्रित तंत्र या तो साध्य बन जाता है या व्यक्तिगत मनोइच्छा की पूर्ति का साधन। आकाशीय लोक और इसके इर्द गिर्द बुनी गई अवधाराणाओं का क्रमश: विकास का उदेश्य इंसान के कारवां को आगे बढ़ाना है। हम ज्ञान और विज्ञान की सभी शाखाओं का इस्तेमाल करते हुये उन कांटों को देखने और चुनने का प्रयास करने जा रहे हैं, जो किसी न किसी रूप में इंसानियत के पग में चुभती रही है...यकीनन कुछ कांटे तो हम निकाल ही लेंगे।

मीडिया को भोंपू की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं माओवादी

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मीडिया वालों की मेहरबानी से माओवादी हौट न्यूज बनते जा रहे हैं, और अब तो इन्हें यह भी पता चल गया है कि मीडिया...

सजग रहकर नशाखुरानी गिरोह से बचाव करें

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दिलीप कुमार, सीपीआरओ (हाजीपुर) अगले महीने से विभिन्न सम्प्रदायों के पर्व त्योहारों का मौसम शुरू हो रहा है। इस दौरान देश के विभिन्न भागों से...

फिल्म व टीवी पत्रकार राजू बोहरा का नया धारावाहिक “इश्क में...

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तेवरआनलाईन, नई दिल्ली लंबे समय तक फिल्म व टीवी पत्रकारिता में अपने जलवे बिखरने के बाद फिल्म पत्रकार राजू बोहरा अब धारावाहिक के निर्माण के...

सिर्फ नक्सलबाड़ी आंदोलन से जुड़ी रचना ही नहीं है ‘दिमाग में...

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  तेवरआनलाईन, कोलकाता, पश्चिम बंग हिंदी भाषी समाज ने कथाकार विजय शर्मा के पहले उपन्यास ‘दिमाग में घोंसले’ पर कल एक संगोष्ठी प्रसिद्ध आलोचक प्रो....

सुरक्षित देश की सीमाओं में असुरक्षित बचपन

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  शिरीष खरे, मुंबई  क्या आप जानते हैं कि भारत के ग्रामीण इलाकों में तीन साल से कम उम्र के 40% बच्चों का वजन औसत से...

आतातायी दिल्ली पुलिस की अधूरी जानकारी के विरूद्ध पत्रकार राजीव कुमार...

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रविन्‍द्र कुमार द्विवेदी, नई दिल्ली  आपके लिए आपके साथ का नारा देने वाली दिल्ली पुलिस को शायद इसका मतलब शायद पता नही है।तभी तो...

उत्तर आधुनिक शिक्षा में मटुकवाद

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हरिशंकर राढ़ी (यह व्यंग्य समकालीन अभिव्यक्ति के जनवरी -मार्च 2010 अंक में प्रकाशित हुआ था ।) वाद किसी भी सभ्य एवं विकसित समाज की पहचान होता...

शहनाई के शाहंशाह की सिसकती धरती

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 आखिर क्यों नहीं याद आये उस्ताद किसी को। 21 अगस्त को आंखें टिकी रही सभी अखबारों और टेलिविजन चैनलों पर। अखबार कहीं उनके लिये एक...

शारीरिक शिक्षकों की बहाली में रिश्तेदारी निभाने में जुटे बिहार...

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तेवरआनलाईन, पटना सुप्रीम कोर्ट द्वारा शारीरिक शिक्षकों की भर्ती हेतु जारी आदेश को बहुत चतुराई के साथ चकमा देते हुये बिहार सरकार के मानव संसाधन...

विजय शर्मा के पहले उपन्यास “दिमाग में घोंसले” पर संगोष्ठी

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तेवरआनलाईन, कोलकाता पश्चिम बंग हिंदी भाषी समाज ने कथाकार विजय शर्मा के पहले उपन्यास “दिमाग में घोंसले” पर एक संगोष्ठी आयोजित की है। प्रसिद्ध आलोचक...