पर्ल्स पंजाबी रत्न अवार्ड 2012 में छाया सितारों का जादू

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राजू बोहरा, नई दिल्ली

‘पर्ल्स पंजाबी रत्न अवार्ड  2012 का आयोजन दिल्ली के प्यारेलाल भवन में संपन्न हुआ। इस मौके पर फिल्म इंडस्ट्री के कई जानी मानी हस्तियों को इस अवार्ड से सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि  पंजाबी रत्न अवार्ड  उन पंजाबी हस्तियों को दिया जाता है जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में एक नया मुकाम हासिल किया हो। इस साल पर्ल्स पंजाबी रत्न अवार्ड 2012 भारतीय फिल्म के कई नामचीन हस्तियों को दिया गया। इन नामचीन हस्तियों में पुराने फिल्मों के मशहूर खलनायक प्रेम चोपड़ा, डायरेक्टर सावन कुमार, अभिनेता जिमी शेरगील, डायरेक्टर हैरी बावेजा, मशहूर टीवी सिरियल एक्टर अनूप सोनी के नाम शामिल हैं।

क्रिकेटर मदन लाल और बिशन सिंह बेदी को भी इस एवार्ड से सम्मानित किया गया। साथ हीं साथ पर्ल्स पंजाबी रत्न अवार्ड 2012 के जरिये पुराने फिल्मों के मशहूर अभिनेता प्राण और  प्रसिद्ध लेखक-पत्रकार  खुशवंत सिंह को ‘‘लाईफ टाईम एचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इन दोनों हस्तियों को उम्र के तकाजे की वजह से उनके-उनके घरों में जाकर इस सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विजेताओं को सम्मानित करने के लिए फिल्म और राजनिती जगत के कई नामचीन लोग उपस्थित थें। इन नामचीन हस्तियों में मशहूर डायरेक्टर मधुर भंडारकर, एक्टर सांसद राज बब्बर, पूर्व सीबीआई डायरेक्टर जोगिंदर सिंह और लेखक महीप सिंह के नाम शामिल हैं।

पर्ल्स ग्रुप का पहला पर्ल्स पंजाबी रतन अवार्ड समारोह में उन पंजाबी शख़्सियतों को समामनित किया गया जिन्होंने देश और विदेश में देश का नाम रौशन किया है। इनमें प्रसिद्ध लेखक.पत्रकार खुशवंत सिंह और फ़िल्म एक्टर प्राण को लाइफ़ टाइम एचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इनके साथ -साथ प्रेम चोपड़ाए मधुर भंडाकर अभिनेता से नेता बने राज बब्बर पूर्व क्रिकेटर मदन लालए पूर्व सीबीआई प्रमुख जोगिंदर सिंहए लेखक महीप सिंह को भी सम्मानित किया गया।

इस समारोह में पर्ल्स ग्रुप के एमडी सुखदेव सिंह, डायरेक्टर एम एल सहजपालं, गुरमीत सिंह ,एस भट्टाचार्य, सिकंदर सिंह, ज्योति नारायण के अलावा पर्ल्स ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर केसर सिंह समेत कई जानी मानी हस्तियां मौजूद थीं। ‘‘पर्ल्स  पंजाबी रत्न अवार्ड‘‘ 2012 में बालीवुड सितारों का जादू छाया  राहा।

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सदियों से इंसान बेहतरी की तलाश में आगे बढ़ता जा रहा है, तमाम तंत्रों का निर्माण इस बेहतरी के लिए किया गया है। लेकिन कभी-कभी इंसान के हाथों में केंद्रित तंत्र या तो साध्य बन जाता है या व्यक्तिगत मनोइच्छा की पूर्ति का साधन। आकाशीय लोक और इसके इर्द गिर्द बुनी गई अवधाराणाओं का क्रमश: विकास का उदेश्य इंसान के कारवां को आगे बढ़ाना है। हम ज्ञान और विज्ञान की सभी शाखाओं का इस्तेमाल करते हुये उन कांटों को देखने और चुनने का प्रयास करने जा रहे हैं, जो किसी न किसी रूप में इंसानियत के पग में चुभती रही है...यकीनन कुछ कांटे तो हम निकाल ही लेंगे।

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