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CineDreams International Film Festival Mumbai 2026 का भव्य पुरस्कार समारोह के साथ सफल समापन

अमरनाथ मुंबई

सिनेड्रीम्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का भव्य अवॉर्ड
समारोह 14 मई 2026 को पीवीआर लीडो सिनेमा में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रतिष्ठित आयोजन में भारत और विदेशों से आए निर्माता, निर्देशक, लेखक, अभिनेता, अभिनेत्रियाँ तथा फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े अनेक तकनीशियनों ने भाग लिया और सम्मान प्राप्त किए। यह फेस्टिवल का दूसरा संस्करण था और पूरे आयोजन के दौरान उपस्थित लोगों में उत्साह और खुशी साफ दिखाई दे रही थी।
समारोह की शुरुआत महान गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि अर्पित करके की गई। उपस्थित सभी लोगों ने उनकी स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ, जिसने पूरे माहौल को गर्व और भावनाओं से भर दिया।
पीवीआर लीडो सिनेमा का ऑडी नंबर 3 फिल्म जगत से जुड़े लोगों से खचाखच भरा हुआ था। ऑडिटोरियम पूरी तरह भर चुका था और कुछ मेहमान खड़े होकर कार्यक्रम का आनंद लेते नजर आए। हर चेहरे पर खुशी और उत्साह दिखाई दे रहा था।
फेस्टिवल डायरेक्टर पराग छापेकर ने सभी अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और CineDreams International Film Festival पर विश्वास और समर्थन देने के लिए सभी का धन्यवाद किया। इसके बाद उन्होंने फेस्टिवल के संस्थापक एवं आयोजक अयूब खान को मंच पर आमंत्रित किया।
अयूब खान दर्शकों को संबोधित करते हुए भावुक लेकिन बेहद खुश नजर आए। उन्होंने सभी मेहमानों और प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने फिल्मों को भेजकर और समर्थन देकर इस फेस्टिवल पर विश्वास जताया है। उन्होंने कहा,
“आप सभी ने अपनी फिल्में भेजकर और हमारा समर्थन करके CineDreams International Film Festival पर भरोसा जताया है। मैं इस विश्वास को कभी टूटने नहीं दूँगा। यह फेस्टिवल अकेले मेरे द्वारा आयोजित नहीं किया जा सकता। अगर मैं आज यहाँ खड़ा हूँ, तो इसका श्रेय मेरी पूरी टीम, बोर्ड मेंबर्स और जूरी मेंबर्स को जाता है, जिनमें बॉलीवुड की कई प्रसिद्ध हस्तियाँ शामिल हैं। उनका अनुभव और सहयोग शब्दों से परे है। फिर भी यदि हमसे कोई गलती या कमी हुई हो, तो मैं दिल से क्षमा चाहता हूँ। और अब आपकी अनुमति से हम इस अवॉर्ड समारोह की शुरुआत करते हैं।”
दर्शकों ने जोरदार तालियों के साथ उनका स्वागत किया और इसके बाद अवॉर्ड समारोह औपचारिक रूप से शुरू हुआ। एंकर श्वेता पड्डा और फेस्टिवल के क्रिएटिव डायरेक्टर सैकत दास ने संयुक्त रूप से मंच संचालन किया और एक-एक कर विजेताओं के नामों की घोषणा शुरू की।
इस भव्य आयोजन में बॉलीवुड और मनोरंजन जगत की कई जानी-मानी हस्तियाँ शामिल हुईं, जिनमें मधु एंटरटेनमेंट के हीराचंद डांड, RASSAZ Groups के CMD रईस अहमद, निर्देशक अनिल दुबे, अभिनेता आशित चटर्जी, निर्देशक राजीव चौधरी और CineDreams Festival Director पराग छापेकर प्रमुख रहे।
कार्यक्रम में साक्षी प्रधान, परलीन गिल, हिमांशु मल्होत्रा, मोहित मल्होत्रा, चैतालि कोहली, हेतल पुनीवाला, पल्लवी पुरोहित, सुजाता मेहता, रिन्ही सुब्बरवाल, सुजॉय मुखर्जी और रोहित बोस रॉय सहित कई चर्चित हस्तियाँ मौजूद रहीं।
अनूप जलोटा को “भारत देश है मेरा” के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड दिया गया, जिसे निर्देशक आदर्श जैन ने प्राप्त किया। वहीं रोहित रॉय को सुजॉय मुखर्जी द्वारा निर्देशित शॉर्ट फिल्म “हुनर” के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान अवॉर्ड वितरण को कुछ समय के लिए रोका गया, जब अयूब खान को दोबारा मंच पर बुलाया गया। उन्होंने सभी को चौंकाते हुए अपनी कंपनी द्वारा आयोजित किए जाने वाले नए अंतरराष्ट्रीय फेस्टिवल Cine Bengal International Film Festival की घोषणा की, जो 25 और 26 नवंबर को कोलकाता के पीवीआर सिनेमा में आयोजित होगा।
उन्होंने आगे बताया कि जिस तरह उनकी कंपनी ने 14 और 15 अप्रैल को सहारागंज पीवीआर सिनेमा, लखनऊ में सफलतापूर्वक Lucknow International Film Festival आयोजित किया था, उसी तरह यह उनकी कंपनी का तीसरा बड़ा फेस्टिवल होगा। उन्होंने फिल्म निर्माताओं और कलाकारों को आगामी फेस्टिवल के लिए फीचर फिल्म, शॉर्ट फिल्म, डॉक्यूमेंट्री फिल्म, ओटीटी फिल्म, म्यूजिक एल्बम, एड फिल्म और इंडिपेंडेंट सिंगिंग वीडियो भेजने के लिए आमंत्रित किया।
अवॉर्ड समारोह पूरे उत्साह के साथ सफलतापूर्वक जारी रहा। विजेताओं ने खुशी-खुशी अपनी ट्रॉफियाँ और सम्मान प्राप्त किए। कार्यक्रम के समापन के बाद कई प्रतिभागियों और सेलिब्रिटीज ने मीडिया से बातचीत की और संस्थापक एवं आयोजक अयूब खान तथा उनकी पूरी टीम को इतने सफल और यादगार आयोजन के लिए बधाई दी।

editor

सदियों से इंसान बेहतरी की तलाश में आगे बढ़ता जा रहा है, तमाम तंत्रों का निर्माण इस बेहतरी के लिए किया गया है। लेकिन कभी-कभी इंसान के हाथों में केंद्रित तंत्र या तो साध्य बन जाता है या व्यक्तिगत मनोइच्छा की पूर्ति का साधन। आकाशीय लोक और इसके इर्द गिर्द बुनी गई अवधाराणाओं का क्रमश: विकास का उदेश्य इंसान के कारवां को आगे बढ़ाना है। हम ज्ञान और विज्ञान की सभी शाखाओं का इस्तेमाल करते हुये उन कांटों को देखने और चुनने का प्रयास करने जा रहे हैं, जो किसी न किसी रूप में इंसानियत के पग में चुभती रही है...यकीनन कुछ कांटे तो हम निकाल ही लेंगे।

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