बॉलीवुड में फिल्म ‘जी ले जरा’ के जरिये विनय अरोड़ा की होगी शानदार शुरुआत

0
46

राजू बोहरा,नई दिल्ली/तेवर ऑनलाइन डॉटकॉम

मायानगरी केवल हीरो-हीरोइन बनने के इच्छुक युवाओं को ही नहीं लुभाती है, बल्कि यह कई ऐसे लोगों को भी अपनी ओर खींचती है, जो इंडस्ट्री को लीक से हटकर फिल्में देकर इसे और समृद्ध करने की इच्छा रखते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत हैं समाजसेवी विनय अरोड़ा, जो कई जरूरतमंद लोगों के घर में खुशियां बिखेरने के बाद बतौर निर्माता-निर्देशक फिल्म ‘जी ले जरा’ के जरिये बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत करने को तैयार हैं। हालांकि, ‘गॉड गिफ्ट फॉर इंडिया’ और ‘गरीबों के मसीहा’ माने जाने वाले विनय अरोड़ा ने अपने करियर में काफी उतार-चढ़ाव देखे हैं।

लेकिन, कड़ी मेहनत पर विश्वास रखते हुए जिंदगी की राह की तमाम कठिनाइयों का बुलंद हौसले के साथ सामना करते हुए उन्हें परास्त किया है। मासूम मुस्कान, नरम-संतुलित लेकिन दमदार आवाज़ और विनम्र स्वभाव के दम पर अपनी जिंदगी की कहानी को बखूबी लिखने और सबको प्रेरित करने वाले विनय अरोड़ा ऐसे व्यक्ति हैं, जो केवल परिवर्तन की राह को ही सही मानते हैं। तभी तो परिवर्तन के इरादे से अब बॉलीवुड में ‘जी ले जरा’ से एक नई शुरुआत करने जा रहे हैं।

विनय अरोड़ा का मानना है कि बॉलीवुड के जरिये वे अपनी आवाज एवं अपने दिल की बात को ज्यादा-से-ज्यादा लोगों तक पहुंचा सकते हैं। हालांकि, आज बॉलीवुड में जहसं महिला प्रधान फिल्मों का बोलबाला है और अधिकतर डायरेक्टर और प्रोड्यूसर ‘वुमेन ओरिएंटेड’ फिल्म बनाने पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं, वहीं विनय अरोड़ा एक आम इंसान की जिंदगी को परदे पर लाने जा रहे हैं, जिसके जरिये वह एक आम आदमी की स्ट्रगल भरी जिंदगी को बखूबी दर्शाएंगे। साथ ही, अपनी फिल्म ‘जी ले जरा’ के जरिये वह आदमी की लाइफ को एक नई दिशा दिखाएंगे।

चूंकि विनय खुद भी स्ट्रगल झेल चुके हैं, तो वह अपनी ऐसी सारी कड़वी, लेकिन प्रेरणादायी यादों को समेट कर इस फिल्म के जरिये आमलोगां तक पहुंचाएंगे। यही वजह है कि वे न केवल फिल्म के निर्माता-निर्देशक हैं, बल्कि स्टोरी का कॉन्सेप्ट भी उन्हीं का है, जिसे कहानी का रूप सपना ने दिया है।

‘पेपर स्टोन प्रोडक्शन लिमिटेड’ प्रोडक्शन हाउस के बैनर तल बन रही फिल्म ‘जी ले जरा’ एक आम आदमी की जिंदगी क्या और कैसी होती है, वह जिंदगी में कितना स्ट्रगल झेलता है, यही इस फिल्म का सार है। एक आम इंसान खुद के लिए ढंग के कपड़े भी नहीं खरीद सकता है, जबकि बीवी और बच्चों के अरमानों और सपने को पूरा करते-करते किस तरह उसकी जिंदगी खत्म हो जाती है, फिल्म इसी थीम पर बेस्ड होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here