मिस्र में नये युग की शुरुआत हो चुकी है : डा. अलबरादेई

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मिस्र में राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के खिलाफ फैली चिंगारी ने अब पूरी तरह से लपटों का रूप धारण कर लिया है। सेना के जवान भी अब अपनी वर्दी फेंककर लोगों के साथ मुबारक गद्दी छोड़ा का नारा लगा रहे हैं. टैंक सड़कों पर भारी संख्या में नजर तो आ रहे हैं लेकिन इन पर पूरी तरह से लोगो का कब्जा हो चुका है, या यूं कहा जाये कि सैनिकों ने स्वेच्छा से इन टैंकों को लोगों के हवाले कर दिया है। लोग इन टैंकों पर खड़े होकर राष्ट्रपति मुबारक के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं। मिस्र के कई शहरों में जबरदस्त स्ट्रीट फाइट के बाद सेना का मन बदल गया है। होस्नी मुबारक के प्रति वफादार होने के बजाये वे जन सैलब के साथ चलना ज्यादा बुद्धिमानी समझ रहे हैं।

कई विश्वविद्यालय के छात्र भी इस लड़ाई में होस्नी मुबारक के खिलाफ कूद चुके हैं, जिसके बाद होस्नी मुबारक की स्थिति और भी कमजोर हो गई है। यहां तक कि जज भी अब सामूहिक रूप से होस्नी मुबारक से इस्तीफे की मांग रहे हैं। लोगों के गुस्से को देखते हुये अब होस्नी मुबारक के परिवार वाले भी उनका साथ छोड़कर विदेश भाग रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से होस्नी मुबारक के खिलाफ जारी प्रदर्शनों में करीब 150 लोग मारे जा चुके हैं। देशभर में चौतरफा आगजनी की घटनाएं भी खूब हुई हैं और लगातार हो रही हैं।

इस बीच अमेरिका और इंग्लैंड में भी मिस्र के राष्ट्रपति मुबारक के खिलाफ प्रदर्शनों का दौर शुरु हो चुका है। जिस तरह से लोग बेलगाम हो गये हैं उसे देखकर कहा जा सकता है कि मुबारक का पतन निश्चित हैं. मुबारक के सामने एक मात्र विकल्प है खुद को तुरंत सत्ता से बेदखल कर ले। यदि लोगों के हत्थे चढ़ जाएंगे तो उनका खात्मा निश्चित है.मिस्र में जो कुछ भी हो रहा है वो सैल्यूट करने लायक है। देश और व्यवस्था को लगी लंबी और गंभीर बीमारियों को इलाज यही है। मिस्र में जो कुछ भी हो रहा है वो पूरी तरह से स्वस्फूर्त आंदोलन है। वहीं की कुव्यवस्था और भ्रष्टाचार से लोगों का दम घुट रहा था। स्वच्छ हवा की चाहत उनके मन में जाग चुकी है और शायद यह मिस्र के लोगों की पहली जरूरत भी है. नावेल पुरस्कार विजेता डा. अलबरादेई के मिस्र में पहुंचने के बाद से ही लोग व्यवस्थित तरीके से मुबारक और उनके तंत्र से लंबी लड़ाई लड़ने की तैयारी में जुटे गये थे। अलबरादेई ने भी आते ही साफ कर दिया था कि मुबारक के हटने तक संघर्ष जारी रहेगा, जबकि मुबारक नये सरकार की गठन की लगातार बात करते रहे और अब भी कर रहे हैं। अलबरादेई तो यह मान कर चल रहे हैं कि मुबारक के खिलाफ लड़ाई में मिस्र के लोगों की जीत हो चुकी है. तभी तो मिस्रवासियों को संबोधित करते हुये वह कहते फिर रहे  हैं “आज हमें मिस्रवासियों पर गर्व है, हमने अपने अधिकारों को पा लिया है, और मिस्र के लोग अब पलटने वाले नहीं है। मिस्र में नये युग की शुरुआत हो चुकी है।”

विपक्ष ने कल काहिरा में मिलियन मार्च का आयोजन किया है, और समझा रहा है कि यह मिलियन मार्च मुबारक तंत्र पर एक जोरदार हथौड़ा साबित होगा, हालांकि मुबारक भी अभी टलने के मूड में नहीं दिख रहे हैं।

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