Category Archives: नारी नमस्ते

चेतना का’प्राचीन भारतीय मनीषा की दृष्टि में व्यावसायिक नेतृत्व का विकास विषय पर सेमिनार

राजू बोहरा नई दिल्ली, आम लोगों की दैहिक, दैविक और भौतिक चिंताओं को समाप्त करने और मानव कल्याण की ओर अग्रसर, दिल्ली की सुप्रसिद्ध सामाजिक संस्था ‘ चेतना ‘ ने हाल ही में दिल्ली के  रोहिणी के होटल क्राउन प्लाजा … विस्तार से पढ़ें

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भूमिका कलम : उदय भारत की महिला किसान

खोजी पत्रकारिता से कृषि की ओर उन्मुख होने वाली मध्य प्रदेश की भूमिका कलम एग्रो-टेक किसानी की नई इबारत तो लिख ही रही हैं, साथ ही अपने आसपास के किसानों को लाभकारी खेती की हुनर भी सिखा रही हैं। आलोक … विस्तार से पढ़ें

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अदृश्य तलवार की तरह लटकता रहता है तीन तलाक !

मंसूर आलम तीन तलाक़ का मसला अगर औरतों की नज़र से देखा जाए तो बहुत ही भयावह है। एक औरत को जब तलाक़ किसी चिट्ठी पर लिख कर भेज दिया जाता है, जब whatsapp पर लिख कर भेज दिया जाता … विस्तार से पढ़ें

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पुलिस कॉलोनी में होली मिलन समारोह का आयोजन

अनिता गौतम. अनीसाबाद स्थित पुलिस कालोनी पटना, में सिनियर सिटिजन महिलाओं और पुरुषों का आमना सामना होली मिलन का धमाकेदार कार्यक्रम रविवार, 20 मार्च 2016 को सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में कॉलोनी के सभी समुदाय और सभी वर्गों के सदस्यों … विस्तार से पढ़ें

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लिखने की जरूरत वैसे ही है जैसे मातृत्व की है : ममता मेहरोत्रा

आलोक नंदन समाज में महिलाओं को लेकर कई मिथक टूट चुके हैं और कई टूटने के कगार पर हैं। यह सच है कि आज भी समाज में महिलाओं को लेकर पारंपरिक सामंतवादी अवधारणाएं हावी हैं, महिलाओं को आज भी अपने … विस्तार से पढ़ें

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मीडिया में आधी आबादी की नगण्य भागीदारी!

अनिता गौतम. मीडिया में महिलाओं की भूमिका उनकी स्थिति और स्थान आज चौतरफा बहस का मुद्दा बना हुआ है। हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को अनमने मन से भले स्वीकार किया जा रहा है पर उनकी वास्तविक स्थिति आज … विस्तार से पढ़ें

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निर्भया: बार-बार लगातार !

संतोष सिंह, निर्भया  एक बार फिर चर्चा में है,  लोगों का आक्रोश उसी तरह सड़कों पर दिख रहा है, जैसा दिल्ली में दिखा था। दिल्ली की निर्भया को लेकर देश में कड़े कानून बने थे। लेकिन भारतीय क्राइम रेकॉर्ड ब्यूरो … विस्तार से पढ़ें

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हिन्दी और पेंटिंग से प्रेम है फ्रोसो विजोतोसु को

‘मैं एक यात्री हूं और यात्रा करना पसंद करती हूं। भारत आना मुझे बेहद पसंद है। यहां मैं तीसरी बार आई हूं और बार –बार आना चाहूंगी।  भारत के लोग बहुत ही मिलनसार हैं’, यूनानी कलाकार और हिन्दी प्रेमी फ्रोसो … विस्तार से पढ़ें

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आधी आबादी, भरपूर सियासत !

अनिता गौतम, वर्तमान समय में पूरे देश में महिलाओं की स्थिति और हर क्षेत्र में उनकी भागीदारी पर चौतरफा बहस हो रही है। महिला-पुरूष की बराबरी और महिलाओं की सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में भागीदारी, साथ ही उनके हक की … विस्तार से पढ़ें

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दामिनी का दर्द…(कविता)

विनायक विजेता वरिष्ठ पत्रकार। जनम लिया तब सब खुश थे, मरी तो खुश थे सिर्फ दरिन्दे . मम्मी -पापा की थी दुलारी, खुशिओं से भरी थी मेरी अलमारी . करती रही मैं मुद्दत पर मुद्दत, याद न आई तुझे मेरी … विस्तार से पढ़ें

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