एक औरत के संघर्ष और सफलता की कहानी है ‘‘मंगलसूत्र…एक मर्यादा’’

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राजू वोहरा, नई दिल्ली

प्राइवेट चैनलों के इस आधुनिक दौर में भी दर्शकों के लिए मनोरंजन का सबसे सशक्त माध्यम आज भी दूरदर्शन ही है क्योंकि आज भी दूरदर्शन की पहुंच आधुनिक हो चुके शहरों से लेकर गांव-गांव और छोटे-छोटे कस्बों तक में सबसे ज्यादा है, जबकि प्राइवेट चैनल सिर्फ बड़े शहरों और उसके आस-पास तक ही सीमित हैं। सबसे अहम बात यह है कि कंपीटिशन के चलते दर्शकों को लुभाने के लिए जहां प्राइवेट चैनल कुछ भी परोस रहे हैं वही दूरदर्शन अब भी अपने चाहने वाले दर्शकों के लिए ऐसे धारावाहिक या कार्यक्रम प्रसारित कर रहा है जो लोगों को  मनोरंजन के साथ-साथ कुछ न कुछ सामाजिक सीख भी देते हैं। इसका एक ताजा उदाहरण है हाल ही में शुरू हुआ दूरदर्शन का नया डेली धारावाहिक ‘‘मंगलसूत्र….एक मर्यादा।

22 अगस्त से दूरदर्शन के राष्ट्रीय चैनल डी.डी. वन पर प्रत्येक सप्ताह सोमवार से शुक्रवार दोपहर एक बजे दिखया जाने वाला दूरदर्शन का यह नया डेली सोप जहां दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करता है वहीं कई सामाजिक संदेश भी देता है। इस दैनिक धारावाहिक से कई खास बातें जुड़ी हैं। पहली खास बात यह है कि ‘‘शान्ति’’ और ‘‘स्वाभिमान’’ के बाद डी.डी. पर दोपहर में दिखाये जाने वाला यह पहला ऐसा डेली सोप है जिसमें फिल्मों और टेलीविजन के दर्जनों नामी गिनामी कलाकार एक साथ काम कर रहे हैं, जिनमें किरण कुमार, रजा मुराद, शाहबाज खान, पंकज बैरी, एस.एम. जहीर, इमरान खान, संजय स्वराज, रोहित सिंह, जयश्री राव, जाहिद अली, पिंकी चिनाय, सुजाता वैष्णव, मिनाक्षी वर्मा, नूपुर अलंकार, मिनाक्षी रूईया, सीजू कटारिया, मोनाज मेवावाला, सुधा चंद्रन और गजेन्द्र चैहान जैसे कलाकार मुख्य रूप से शामिल है। इसकी दूसरी खासियत इसका गंभीर सबजेक्ट मंगलसूत्र है।

‘‘एस.आर.पी. इंटरटेनमेंट’’ के बैनर तले बन रहे इस मेगा डेली सोप के निर्माता निर्देशक सोमजी आर शास्त्री है जबकि ऐपिसोड डायरेक्टर चन्द्रसेन सिंह है। ‘‘मंगलसूत्र….एक मर्यादा’’ के सह निर्माता रोहित सिंह, पिंकी चिनाय, रमन नयर और स्टोरी राईटर अर्चना एस शास्त्री तथा स्क्रीन प्ले व डायलाग मशहूर राइटर पारस जायसवाल लिख रहे हैं। निर्माता निर्देश सोमजी आर शास्त्री के अनुसार ‘‘मंगलसूत्र…एक मर्यादा’’ एक औरत के संघर्ष और सफलता की भावनात्मक कहानी है जो अपने मंगलसूत्र की रक्षा के लिए लंबा संघर्ष करती है। उसके पति को साजिश के तहत न सिर्फ फंसाया जाता है बल्कि देश द्रोही भी साबित किया जाता है मगर वो अपने मंगलसूत्र की रक्षा के लिए कड़ी मेहनत करते हुए कलेक्टर बनती है और साजिशों का पर्दाफाश करके कानून की नजर में मुजरिम साबित हो चुके अपने पति को बेगुनाह साबित करती हुई अपने पवित्र मंगलसूत्र की रक्षा करती है और दूसरी महिलाओं के लिए एक मिसाल भी बनती है। धारावाहिक ‘‘मंगलसूत्र…एक मर्यादा’’ आज की उन महिलाओं को भी एक ठोस संदेश देता है जो आधुनिता के नाम पर पवित्र मंगलसूत्र की मर्यादाओं को जाने या अनजाने में लांघ रही है। धारावाहिक में राष्ट्रीय एकता, अपने संविधान के प्रति आस्था, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा का महत्व, जैसे सामाजिक संदेश भी है। कुल मिलाकर ‘‘मंगलसूत्र…एक मर्यादा’’ दर्शकों को भरपूर मनोरंजन के साथ-साथ कई सामाजिक संदेश भी प्रदान करता है जो आप के दौर में कम ही धारावाहिकों में नजर आता है।

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