बिजली की अब कोई दिक्कत नहीं : नीतीश

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद में ऊर्जा प्रक्षेत्र के 1462.36 करोड़ रूपये की योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन एवं लोकार्पण रिमोट बटन दबाकर किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सबसे पहले ऊर्जा विभाग को बधाई देता हूं कि इन्होंने ऊर्जा प्रक्षेत्र के हर पहलू पर निरंतर जोर दिया है। यही कारण है कि चाहे वह मामला जेनरशन का हो, ट्रांसमिशन का हो या डिस्ट्रीब्यूशन का हो, हर क्षेत्र में ऊर्जा विभाग ने मजबूती से काम किया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा प्रक्षेत्र में इतना काम हुआ है कि अब थर्मल पावर लगाने की जरूरत नहीं है। हमलोग दो स्थानों पर जहां थर्मल प्लांट लगाना चाहते थे, वहां सोलर प्लांट लगायेंगे। उन्होंने कहा कि अब एक ही प्रश्न है, जो हमलोग बार-बार उठा रहे हैं कि जो केन्द्र द्वारा बिजली एनटीपीसी के माध्यम से मिलती है, उसमें बिहार का जो आवंटन है, उसका दर ज्यादा है। उन्होंने कहा कि हमारे ऊर्जा मंत्री ने और ऊर्जा विभाग ने मजबूती के साथ इस बात को केन्द्र के समक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार रेलवे का भाड़ा एक है, जैसे कि आप तमिलनाडू में घूमिये या बिहार में, यूपी में जाइये या महाराष्ट्र में रेलवे का दर है, उसी तरह से बिजली का दर पूरे देश में एक होना चाहिये। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी द्वारा पूरे देश के लिये बिजली का एक दर निर्धारित करना चाहिये। उन्होंने कहा कि हमलोग मांग करते हैं कि पूरे देश के लिये बिजली का एक दर होना चाहिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली की अब कोई दिक्कत नहीं है लेकिन हम बिजली को लोगों तक पहुंचायें, इसके लिये जरूरी है कि हमारे पास ट्रांसमिशन, सब ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन का पूरा नेटवर्क होना चाहिये। इस क्षेत्र में भी हमलोगों ने जबर्दस्त काम किया है। उन्होंने कहा कि आज का जो कार्यक्रम है, जिसमें 1462.36 करोड़ रूपये की योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन एवं लोकार्पण हुआ है, वह मुख्य रूप से इन्हीं दो क्षेत्रों से संबंधित है या तो ग्रिड सब स्टेशन है या पावर सब स्टेशन है यानी इनके माध्यम से हर जगह बिजली पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन का नेटवर्क ठीक रहता है तो बिजली की गुणवता ठीक रहती है और लो वोल्टेज या बिजली के फ्लैक्चूएशन का सामना नहीं करना पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों का संकल्प है कि इस साल के अंत तक हर बसावट में बिजली पहुंचा देंगे और अगले साल के अंत तक हर घर में बिजली कनेक्शन प्रदान कर देंगे। उन्होंने कहा कि 2012 में 15 अगस्त को गांधी मैदान में ध्वजारोहन के बाद कहा था कि बिजली की स्थिति में सुधार लाने का प्रयास कर रहे हैं और सुधार होगा। यदि हम सुधार नहीं ला पाये तो 2015 में हम वोट मांगने नहीं जायेंगे। यह बात हमने उस समय कही थी लेकिन मुझे खुशी है कि बिजली की स्थिति में इतना सुधार हुआ है कि आज लोगों के मन में थोड़ी देर के लिये भी बिजली चली जाती है तो लोग परेशान हो जाते हैं। गांव में भी लोग अपने घरों में फ्रीज रखने लगे हैं। घर-घर में टेलीविजन हो गया है किंतु अब मेरा आग्रह है कि जरूरत के मुताबिक ही बिजली का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि बिहार में ऊर्जा प्रक्षेत्र में इतना अच्छा काम हुआ है कि जब देश में ऊर्जा मंत्रियों का सम्मेलन हुआ और इस बात का प्रेजेंटेशन किया गया तो वहां लोग इतने प्रभावित एवं प्रसन्न हुये कि 16 राज्यों के प्रतिनिधि 9 अगस्त को यहां आये और यहां बिजली प्रक्षेत्र के कार्यों को देखा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने यह तय किया कि बिहार की योजना हर घर बिजली का कनेशन को केन्द्रीय योजना के रूप में अपनायेंगे। आज बिजली में इतना काम हुआ है कि उसे राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है, इसके लिये मैं ऊर्जा विभाग को बधाई देता हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निश्चय के अन्तर्गत हर घर बिजली कनेक्शन देने का जो संकल्प था, उसमें हमने पूरा जोर देकर कहा कि जो पूर्व से डाटा उपलब्ध है, उस पर मत जाइये और आप अलग से सर्वे कर एक-एक घर को बिजली का कनेकशन दीजिये। ऊर्जा विभाग के सर्वेक्षण का अच्छा नतीजा आया और ये सर्वेक्षण होने के बाद अच्छा काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमलोगों ने हर पहलू पर गौर करते हुये बिजली के क्षेत्र में अच्छा कार्य किया है। उन्होंने कहा कि पहले कहां क्षमता थी, 2005 में मात्र सात सौ मेगावाट बिजली की क्षमता थी और आज हालत यह है कि चार हजार मेगावाट से ज्यादा बिजली की आपूर्ति हो रही है और अब यह बढ़ता ही चला जायेगा और जब बढ़ता चला जायेगा तो हमलोगों को और सक्षम होना होगा। उन्होंने कहा कि जितनी बिजली की जरूरत है, उसकी आपूर्ति करने के लिये हमारा डिस्ट्रीब्यूशन और ट्रांसमिशन नेटवर्क को उस लायक होना होगा। उन्होंने कहा कि बिजली प्रक्षेत्र पर हर कदम पर ध्यान दिया गया है ताकि कठिनाई न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराना तार जो लटका रहता है, उस काम पर भी जोर दिया गया है। एक कमी रह गयी कि बिजली बिल में त्रुटि की, उसमें भी काफी सुधार आया है। लोग बिजली बिल देना चाहते हैं, कुछ लोग ऐसे होंगे जो टोका फॅसाकर बिजली ले लेते होंगे। हम तो कहेंगे कि कंडक्टर ही ऐसा होना चाहिये कि लोग बिजली का टोका ही न फॅसा सकें। उन्होंने कहा कि प्रकाश पर्व के अवसर पर पटना सिटी क्षेत्र में जब मैं निरीक्षण में गया था तो जगह-जगह तार लटके हुये थे। उन सभी लटके हुये तारों को बदला गया। बाहर से आने वाले लोग स्वच्छता, बिजली की स्थिति को देखकर आश्चर्यचकित थे। मुझे खुशी है कि पुराने कंडक्टर को बदलने का कार्य ऊर्जा विभाग द्वारा जल्द ही कर लिया जायेगा और बिलिंग भी पूरी तरह सही हो जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली में हमलोग सबसिडी उपभोक्ता को देंगे और इसके लिये हमलोगों ने सबसिडी का दर निर्धारित किया है। अब जो लोगों को बिजली बिल मिलेगा, उसमें लोगों को पता चलेगा कि वास्तविक बिल कितना है और राज्य सरकार ने कितनी सबसिडी दी। इससे लोगों को मालूम होगा कि जो बिजली की खपत कर रहे हैं, उसमें राज्य सरकार ने कितनी सबसिडी दी है। इसका दूसरा फायदा यह होगा कि बिजली का दुरूपयोग कम होगा। उन्होंने कहा कि बिहार में जो हमलोग नीति बनाते हैं, उसकी प्रशंसा बाकी जगह होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम नारी सशक्तिकरण के लिये प्रयत्नशील रहे हैं। पंचायत एवं नगर निकायों में महिलाओं को पचास प्रतिशत आरक्षण तथा राज्य सरकार की सभी सेवाओं में 35 प्रतिषत आरक्षण महिलाओं के लिये लागू किया गया है। बिहार में महिला सशक्तिकरण नीति बनायी गयी है। अब इस कड़ी में ऊर्जा विभाग द्वारा करबिगहिया ग्रीड का संचालन सिर्फ महिलाओं द्वारा संचालित होगी। ग्रीड का संचालन कोई मामूली बात नहीं है। इनका मनोबल कितना ऊॅचा होगा, यह महसूस करने की चीज है। इसके लिये हम बधाई देते हैं। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में यह प्रशंसनीय कार्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हमलोगों का ज्यादा ध्यान कल से आपदा प्रबंधन पर है। कुछ जिलों में खासकर पूर्वोतर के जिलों में तथा नेपाल में इतनी वर्षा हो गयी है कि लोग पानी से लोग घिर गये हैं, इसी को हमलोग मांनिटर कर रहे हैं। एनडीआरएफ की टीम पहुंच गयी। हमलोगों ने आर्मी को भी अलर्ट किया है। जरूरत पड़ेगी तो आर्मी की भी सहायता लेंगे। प्रधानमंत्री से बात की, गृहमंत्री एवं रक्षामंत्री से बात की। सभी को आवश्यक निर्देश दिया गया है। सभी प्रभारी सचिवों को अपने क्षेत्र में भेज दिया गया है। कोशी में अब डिस्चार्ज कम हो रहा है किंतु इसके कम होने से गंडक में पानी बढ़ जायेगा। अगस्त महीने में हमारा ध्यान आपदा प्रबंधन पर केन्द्रित रहता है। यह कार्यक्रम भी जनहित में है इसलिये हम यहां उपस्थित हुये हैं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ग्यारह महिला कर्मियों को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। साथ ही बिजली चोरी को रोकने के संबंध में एक लघु फिल्म का लोकार्पण भी किया। समारोह को उप मुख्यमंत्री  सुशील कुमार मोदी, ऊर्जा, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री  बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जल संसाधन तथा योजना एवं विकास मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, विधायक सुनील चैधरी, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी, प्रधान सचिव ऊर्जा प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चन्द्रा, नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी के प्रबंध निदेशक संदीप के0आर0पी0, साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी के प्रबंध निदेशक आर लक्ष्मणन सहित ऊर्जा विभाग के वरीय अधिकारी, अभियंता एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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सदियों से इंसान बेहतरी की तलाश में आगे बढ़ता जा रहा है, तमाम तंत्रों का निर्माण इस बेहतरी के लिए किया गया है। लेकिन कभी-कभी इंसान के हाथों में केंद्रित तंत्र या तो साध्य बन जाता है या व्यक्तिगत मनोइच्छा की पूर्ति का साधन। आकाशीय लोक और इसके इर्द गिर्द बुनी गई अवधाराणाओं का क्रमश: विकास का उदेश्य इंसान के कारवां को आगे बढ़ाना है। हम ज्ञान और विज्ञान की सभी शाखाओं का इस्तेमाल करते हुये उन कांटों को देखने और चुनने का प्रयास करने जा रहे हैं, जो किसी न किसी रूप में इंसानियत के पग में चुभती रही है...यकीनन कुछ कांटे तो हम निकाल ही लेंगे।

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