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Wednesday, October 28, 2020
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शिरीष खरे

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माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्‍वविद्यालय, भोपाल से निकलने के बाद जनता से जुड़े मुद्दे उठाना पत्रकारीय शगल रहा है। शुरुआत के चार साल विभिन्न डाक्यूमेंट्री फिल्म आरगेनाइजेशन में शोध और लेखन के साथ-साथ मीडिया फेलोसिप। उसके बाद के दो साल "नर्मदा बचाओ आन्दोलन, बडवानी" से जुड़े रहे। सामाजिक मुद्दों को सीखने और जीने का सिलसिला जारी है। फिलहाल ''चाइल्ड राईट्स एंड यू, मुंबई'' के ''संचार विभाग'' से जुड़कर सामाजिक मुद्दों को जीने और समझने का सिलसिला जारी है।

बाल संप्रेक्षण गृह हैं या जेल ?

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बीते दिनों क्राई और एमनेस्टी इंटरनेशनल के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय बालक अधिकार संरक्षण आयोग को भेजी विस्तृत रिपोर्ट में आगरा और मथुरा जिलों के...

स्कूलों के भीतर बच्चों के शोषण व उत्पीड़न में वृद्धि

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 यूं तो स्कूलों को बच्चों के वर्तमान और भविष्य गढ़ने का केन्द्र माना जाता है. लेकिन बीते कुछ सालों से स्कूलों के भीतर से...

आरटीई के बावजूद शिक्षा हासिल करना एक चुनौती

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  ‘‘हमारे समूह ने अपने गांव में एचआईवी के साथ जीने वाले एक बच्चे के साथ बरते जाने वाले भेदभाव के खिलाफ कदम उठाया.’’ उत्तर-प्रदेश...

बच्चों का जितना पलायन उतना उत्पीड़न

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इन दिनों बच्चों का पलायन तेजी से बढ़ रहा है और उसी अनुपात में उनके साथ उत्पीड़न की घटनाएं और आकड़े भी. खास तौर...

अकाल व कुपोषण के बीच सड़ रही किसानों की मेहनत

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शिरीष खरे सरकार चंद पूंजीपतियों के लिए रियायतों का अंबार लगा रही है और करोड़ों लोगों की खाद्य सुरक्षा के लिए उसके पास न अनाज...

बारूद पर ढेर है भारत का भविष्य

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एक बच्चा पटाखा बनाए और दूसरा उसे जलाकर दीपावली मनाए. ऎसी विडम्बना तमिलनाडु के शिवकाशी में आसानी से देखी जा सकती है. जहां एक...

बच्चों के लिए ‘स्कूल चले हम’ से पहले ‘पंचायत चले हम’...

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गांवों के बच्चे बड़ी संख्या में मजदूर बनते जा रहे हैं. अगर बच्चों की संख्या स्कूलों की बजाय काम की जगहों पर ज्यादा मिल...

छोटे कंधों पर भूख का बोझ ढोते बच्चे

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खेलने कूदने के दिनों में कोई बच्चा अगर मजदूरी करने को मजबूर हो जाए तो.. और हमारे सामने तो बाल मजदूरी की मजबूरी गांवों...

हर साल 45000 बच्चे गायब होते हैं भारत में

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देश में एक बार फिर से बच्चों के गायब होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। सामने आ रहीं घटनाओं के आधार पर गौर...

सेक्स इंडस्ट्री में 18 लाख बच्चों का शोषण

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यह दृश्य बार-बार घटने से अब साधारण लगता है- मुंबई के मशहूर लियोपोर्ड की संगीतभरी रातों के सामने भीख मांगते 10 से 12 साल...