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Wednesday, October 21, 2020
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चल मां के दरबार में (कविता)

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राजेश वर्मा, चल रे साथी..हाथ जोड़ ले मां के दर्शन कर ले धुल जाएंगे पाप तेरे क्यूं मोह-माया में भटके चल रे साथी...ओ साथी...... जय जगदम्बे... जय मां जय जगदम्बे... जीवन...

1857 के महासमर के प्रथम राष्ट्रगीत के रचनाकार – अजीमुल्लाह खान

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1857 के महासमर के महान राजनीतिक प्रतिनिधि और प्रथम राष्ट्रगीत के रचनाकार  उनका जीवन ब्रिटिश राज के विरुद्ध संघर्ष में बीता और उनका उद्देश्य...

अदम गोंडवी की पांच गजलें

काजू भूनी प्लेट में, व्हिस्की गिलास में/ राम राज्य आया है विधायक निवास में, जैसे शेर लिखने वाले अदम गोंडवी वास्तव में दुष्यंत कुमार...

क्या समाज में अमीरी — गरीबी दैवीय प्रतिफल है ?

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आधुनिक समाज में  अमीरी की सीढियों पर लोगो को चढ़ते देखकर कोई भी समझ सकता है की यह न तो किसी दैवीय शक्ति का...

बेनी की बेलगाम बयानबाज़ी के मायने और बहाने

जैसे हिंदी फ़िल्मों से अब कहानी गुम है, वैसे ही अब राजनीति से विचार गुम हैं। सामाजिक न्याय की राजनीति ने इस विचारहीन राजनीति...

“लोग भूल गये ,हिन्दी चित्रपट में चित्रगुप्त का संगीत “

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--रविराज पटेल, तड़पाओगे तड़पा लो हम तड़प तड़प कर भी तुम्हारे गीत गायेंगे... (बरखा- १९५९ ) ऐसे गीतों को मर्म संगीत से चित्रगुप्त ही सजा...

रेखा : शोख हसीना के विरह गीत

पहले शोख फिर सेक्स बम से अभिनय की बढ़त बनाने वाली रेखा की शोहरत एक संजीदा अभिनेत्री के सफ़र में बदल जाएगी यह भला...

का हो अखिलेश, कुछ बदली उत्तर प्रदेश !

प्रिय अखिलेश जी,  आप जानते ही हैं कि हमारे देश के लोग और खास कर उत्तर प्रदेश के लोग साक्षरता से ले कर रोजगार तक...

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एन.एस.डी.) में बिहार के प्रथम छात्र प्यारे मोहन...

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- रविराज पटेल, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एन.एस.डी.) दिल्ली की स्थापना सन 1959 ई. में संस्कृति मंत्रालय ,भारत सरकार के स्वायत्त संस्थान संगीत नाटक अकादमी द्वारा...