
पीत पत्रकारिता से बचें, क्योंकि पीत पत्रकारिता देश व प्रजातंत्र के लिए घातक है: महाराज
लालमोहन महाराज,मुंगेर
भारतीय पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष लालमोहन महाराज ने पत्रकारों को आहवान् किया है कि पत्रकार निष्पक्ष एवं तथ्यों के आधार पर पत्रकारिता करें, जिससे समाज में पत्रकारों की विश्वसनीयता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार खड़ग विनाश का कारक होती है, उसी प्रकार कलम से समाज में परिवर्तन होता है और कलम प्रेरणाशील है।
यह बातें मुंगेर जिले के जमालपुर में ऑल इंडिया जर्नलिस्ट यूनियन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में ए आई जे के प्रदेश अध्यक्ष लालमोहन महाराज ने कही।
उन्होंने कहा कि न्यूज को न्यूज के कन्सेप्ट से ही तैयार करें। न्यूज़ में अपने व्यूज शामिल करने से निष्पक्षता खत्म हो जाती है।
उन्होंने कहा कि भौतिकता के युग में पत्रकारिता एक व्यवसाय के रूप में उभरा है। इस दौर में पत्रकार अपने मानवीय और नैतिक मूल्यों का भौतिकता से संतुलन बनाते हुए तथ्यों पर आधारित पत्रकारिता करें। ऐसा करने से ही अपने व्यवसाय के साथ ईमानदारी कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता एक स्वच्छ व पवित्र व्यवसाय है। खोजी पत्रकारिता से असलियत को उजागर किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया, प्रिन्ट मीडिया, इलैक्ट्रोनिक मीडिया के इस युग में अनेकों युवा इस व्यवसाय में भविष्य तलाश रहे हैं। पत्रकारों को आने वाली पीढ़ी के सामने आदर्श स्थापित करना है कि राष्ट्र व समाज की प्राथमिकता को ध्यान में रखकर किस प्रकार से पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़ना है। इससे जनता का पत्रकारिता पर और अधिक विश्वास होगा। उन्होंने कहा कि पीत पत्रकारिता से बचें, क्योंकि पीत पत्रकारिता देश व प्रजातंत्र के लिए बहुत ही नुकसानदायक है।
उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया के दौर में प्रेस शब्द का अर्थ और व्यापक हो गया है। प्रेस में सोशल मीडिया के प्रभावों और दुष्प्रभावों को भी नकारा नहीं जा सकता। ऐसे में सबके सामने तथ्य और तथ्यहीन सूचनाओं की प्रमाणिकता की भी चुनौती है। सोशल मीडिया के इस युग मे मेन-स्ट्रीम की मीडिया की जिम्मेवारी और बढ़ी है।
श्री महाराज ने कहा कि प्रजातंत्र में प्रेस सरकार एवं लोगों के मध्य एक सेतु का महत्वपूर्ण कार्य करती है। सरकार द्वारा चलाई जा रही विकास तथा जन कल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने तथा जन-साधारण की समस्याएं सरकार तक पहुंचाने का कार्य भी करती हैं। इसलिए पत्रकारों से अपील है कि सरकारी की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग करें ,जिससे गरीब लोगों को लाभ मिलेगा।
यह भी कहा कि पत्रकारों को समावेशी सोच के साथ आपस मे संगठित होना है और एक पेशेवर के रूप में एक दूसरे के हितों के लिए भी काम करना है। इससे सरकार व प्रशासनिक व्यवस्था भी लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ मीडिया के प्रति संवेदनशील होगी। पत्रकार निर्भीक होकर पूरी स्वतंत्रता के साथ कार्य करें तभी सरकारें अच्छे ढंग से कार्य कर सकेंगी। इस अवसर पर रंजीत , के एम राज
ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकार को निर्भीक, निष्पक्ष एवं सत्य की रक्षा करते हुए रिपोर्टिंग करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का हृदय है, जो कभी बंद नहीं होता। पत्रकारिता लोकतंत्र को जिंदा रखती है। पत्रकार पर सबसे ज्यादा जिम्मेवारी है, इसलिए हमेशा सचेत रह कर कार्य करना चाहिए। पत्रकार दुर्भावना व पक्षपात से न लिखें केवल ईमानदारी से लिखें यहीं सारे समाज के हित में है।
कार्यक्रम में पत्रकारों को बाजारवाद के युग में बिना किसी दबाव के कार्य करने व पत्रकारिता को जोश के साथ बेहतर ढंग व सकारात्मक सोच से कार्य करने की अपील की गई।
पत्रकारों ने अतिथियों का स्वागत भी किया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद भीम सिंह , मुंगेर विधायक कुमार प्रणय, समाज सेवी निशाकर कुमार, अमित कुमार, पीनू आनंद सहित अन्य पत्रकारों ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए।



