जरुरी है सामाजिक धारावाहिकों का निर्माण : नवनीत हुल्लर मुरादाबादी

0
16

राजू बोहरा, नई दिल्ली

नयी दिल्ली ,युवा कवि-लेखक और अभिनेता   नवनीत हुल्लर मुरादाबादी का नाम दर्शकों के लिए किसी खास परिचय का मोहताज नहीं है,एक युवा कवि के तौर पर वह जहा तेजी से देश-विदेश अपनी अलग पहचान बना रहे है वही बालीबुड मैं भी बतौर अभिनेता व लेखक भी अलग पहचान बना ली है,अगर यह कहा जाये क़ि नवनीत हुल्लर भी अपने पिता हिंदुस्तान के मशहूर हास्य कवि श्री हुल्लर मुरादाबादी क़ि तरह ही अपनी अलग व पुख्ता पहचान बना रहे है तो शायद कुछ गलत नहीं होगा,बतौर अभिनेता उनके खाते में ”कृष्णा” और ”साईं बाबा”जैसे लोकप्रिय व बड़े धारावाहिक शामिल है जिनमें नवनीत हुल्लर ने लम्बी तथा चैलेजिंग भूमिकाये निभायी थी जो दर्शको में काफी पोपुलर भी हुई थी।

”साईं बाबा ”धारावाहिक में तो उन्होंने लीड निगेटिव भूमिका शानदार तरीके से निभाई थी, इसी तरह वह कई बड़े धारावाहिकों के रायटर व डायलाग रायटर भी रह चुके है,वर्तमान समय में भी नवनीत हल्लर दूरदर्शन के लोकप्रिय धारावाहिक ”एक किरण रोशनी” मैं दोहरी भूमिका निभा रहे है,दोहरी भूमिका से मतलब है वह जहा एक ओर इस धारावाहिक में एक बिजनेसमैन नवनीत प्रताप सिंह की शानदार पाजिटिव लीड भूमिका भी निभा रहे है,वही दूसरी ओर इस धारावाहिक के संवाद भी वही लिख रहे है,दूरदर्शन के राष्ट्रीय चैनल पर हर शुकरवार रात ९.०० बजे प्रसारित हो रहा यह लोकप्रिय धारावाहिक टीवी पर दिखाया जाने वाला पहला इस तरह का शो है जो गांधीगिरी के माध्यम से आज के इस आधुनिक समाज के लोगो को जागरूक करने सराहनीय कम कर रहा है।

नवनीत बताते है क़ि  यह धारावाहिक  किरण नामक एक युवा एक एसी लड़की की शानदार कहानी पर केन्द्रित है जो गांधी जी की विचारधारा के माध्यम से समाज मैं फ़ैली बुराइयों को ख़त्म करने का प्रयास करती है और उसको एक में यानी नवनीत प्रताप सिंह पूरी तरह स्पोट करता है,”एक किरण रोशनी की ” में अपनी भूमिका को लेकर बेहद उत्साहित है,वह कहते है मेरी यह भूमिका पूरी तरह पोजिटिव और दिलचस्प है,वैसे भी में हर तरह क़ि दिलचस्प भूमिकाये करने में विस्वास करता हूँ,इस तरह का सोशल और  दिलचस्प सीरियल शायद टीवी पर पहली बार दर्शकों के लिए दिखाया जा रहा है और इसमें गांधीगिरी का सब्जेक्ट भी पहली बार उठाया गया है, इससे भी अहम  बात यह  कि इसमें आम आदमी से जुड़े मुद्दों को सामाजिक रूप में पेश किया जा रहा है जो काफी दिलचस्प है,इस धारावाहिक के संवाद भी में ही लिख रहा हूँ जो मेरे लिए एक चैलेज है,दूरदर्शन इस लोकप्रिय मनोरंजक व संदेशप्रद धारावाहिक का निर्माण युवा निर्मात्री अशिवनी सिडवाणी कर रही है जो इस शो पर काफी मेहनत कर रही है,धारावाहिक में अभिनय- लेखक और  कवि के रूप में मंच पर तीन अलग-अलग क्षेत्र में काम कर रहे  नवनीत को कौन सा क्षेत्र ज्यादा चूनोतिपूर्ण लगता है पूछने पर वह कहते है हर क्षेत्र क़ि अपनी-अपनी चुनौतिया है,मुझे तीनो ही माध्यम में काम करने में मजा आता है,वेसे सबसे ज्यादा मुशिकल काम मंच का है जहा सीधे दर्शको के सामने होते है वहा गलती या कोई रिटेक नहीं चलता है,जबकि धारावाहिकों में आपको कैमरे के सामने अभिनय करना होता है जहा आपको रिटेक क़ि सुविधा होती है, इस धारावाहिक में नवनीत जरीना वहाब,अनंग देसाई,पंकज बैरी,शीना बजाज,और उपासना सिंह जैसे चर्चित कलाकारों के साथ दमदार किरदार अदा कर रहे है,अभिनय के क्षेत्र में किस तरह आना हुआ पूछने पर वह कहते है कला मुझे अपने पिता जी से मिली है,उन्होंने जो मुकाम अपनी कला से बनया है वो कम लोगो को नसीब होता है,उन्ही की प्रेरणा और आशीर्वाद से में आज इस मुकाम पर हूँ।

Previous articleधरहरा , जहाँ बेटी पैदा होने पर नहीं लग पाते हैं पेड़ : सुशासन का सच
Next articleSome pages of a torn- diary (part 13)
सदियों से इंसान बेहतरी की तलाश में आगे बढ़ता जा रहा है, तमाम तंत्रों का निर्माण इस बेहतरी के लिए किया गया है। लेकिन कभी-कभी इंसान के हाथों में केंद्रित तंत्र या तो साध्य बन जाता है या व्यक्तिगत मनोइच्छा की पूर्ति का साधन। आकाशीय लोक और इसके इर्द गिर्द बुनी गई अवधाराणाओं का क्रमश: विकास का उदेश्य इंसान के कारवां को आगे बढ़ाना है। हम ज्ञान और विज्ञान की सभी शाखाओं का इस्तेमाल करते हुये उन कांटों को देखने और चुनने का प्रयास करने जा रहे हैं, जो किसी न किसी रूप में इंसानियत के पग में चुभती रही है...यकीनन कुछ कांटे तो हम निकाल ही लेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here