फिल्‍म ‘द ड्रीम जॉब’ धूम मचाने को तैयार

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रियल रील प्रोडक्शन के बैनर तले बनी फिल्‍म  ‘द ड्रीम जॉब’ शुक्रवार, 11 अगस्‍त से संपूर्ण भारत के सिनेमाघरों में एक साथ रिलीज हो रही है। बैंक कर्मचारियों की आंतरिक समस्याओं को उजागर करने वाली फिल्‍म  ‘द ड्रीम जॉब’ के प्रीमियर पर लोगों ने इसे खूब सराहा। खासकर बैंक कर्मियों को प्रीमियर के दौरान फिल्‍म काफी पसंद आई। अब यह फिल्‍म कल से लोगों के सामने होगी।

फिल्‍म  ‘द ड्रीम जॉब’ के निर्देशक मुकेश मिश्रा ने बताया कि अलग-अलग शहरों के लगभग 500 बैंक कर्मियों को फ़िल्म दिखाई गई तो सबने एक स्वर में कहा कि यह उनकी अपनी कहानी लगती है । बैंकिंग क्षेत्र में लंबे समय तक काम करने के बाद फ़िल्म निर्माण व निर्देशन के क्षेत्र में उतरे मुकेश मिश्ना ने बताया कि उन्होंने जिस कहानी को केंद्र में रखकर फिल्‍म  ‘द ड्रीम जॉब’ का निर्माण किया है, वह आम बैंक कर्मियों को उनकी खुद की कहानी लगेगी। फिल्‍म  ‘द ड्रीम जॉब’ का निर्माण विनोद अदासकर, संतोष पाटिल, बी वी चोपड़े , एस गोरे और मुकेश मिश्रा ने किया है । फिल्‍म  में जुबेर के खान, प्रसाद शिखडे, साध्वी भट्ट, ऋतम्भरा श्रोत्रिय और विकास श्रीवास्तव आदि अभिनय के मंझे हुए कलाकार हैं। मुकेश मिश्रा ने बताया कि फ़िल्म में  मिका सिंह, ममता शर्मा, नीति मोहन, नकास अज़ीज़, ऐश्वर्या निगम, विशाल मिश्रा और जावेद अली के साथ मनोज तिवारी जैसे नामचीन गायकों ने संगीतकार काशी – रिचर्ड  और विशाल मिश्रा के संगीत निर्देशन में बने गीतों में अपनी आवाज दी है । उन्होंने कहा कि आम तौर पर युवाओं में बैंकिंग क्षेत्र के प्रति काफी आकर्षण रहता है लेकिन हर क्षेत्र की तरह इस क्षेत्र की भी अपनी कुछ आंतरिक समस्या हैं जिनसे कर्मचारियों को दो चार होना पड़ता है।

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सदियों से इंसान बेहतरी की तलाश में आगे बढ़ता जा रहा है, तमाम तंत्रों का निर्माण इस बेहतरी के लिए किया गया है। लेकिन कभी-कभी इंसान के हाथों में केंद्रित तंत्र या तो साध्य बन जाता है या व्यक्तिगत मनोइच्छा की पूर्ति का साधन। आकाशीय लोक और इसके इर्द गिर्द बुनी गई अवधाराणाओं का क्रमश: विकास का उदेश्य इंसान के कारवां को आगे बढ़ाना है। हम ज्ञान और विज्ञान की सभी शाखाओं का इस्तेमाल करते हुये उन कांटों को देखने और चुनने का प्रयास करने जा रहे हैं, जो किसी न किसी रूप में इंसानियत के पग में चुभती रही है...यकीनन कुछ कांटे तो हम निकाल ही लेंगे।

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