लिटरेचर लव
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ब्रह्म नहीं कुछ (कविता)
आदि शक्ति हो या अन्धेश्वर मन की तार तरंग तुम्हारी भक्ति भाव से पूज ले बन्दे ब्रम्ह नहीं कुछ हम…
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‘सार्थक’ पहल के साथ जेएलएफ में राजकमल प्रकाशन
गुलाबी शहर में साल की शुरूआत में ही आयोजित होने वाला सबसे बड़ा साहित्य महोत्सव- जयपुर लिट्रेचर फेस्टिवल में राजकमल…
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मुझे है यक़ीं , तेरे प्यार पे (कविता)
उत्तम पाल. मुझे है यक़ीं , तेरे प्यार पे , ये दिल है अब तो , खुमार पे। तुझे भूलना…
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दारू की तलब
आलोक नंदन रात के बारह बज रहे थे। बोतल खाली हो चुकी थी, लेकिन प्यास अभी पूरी तरह से बुझी…
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बेटी (कविता)
ऐ श्रृष्टि रचाने वाले, दुनिया को बसाने वाले। बस इतना तू बता दे मुझको, ऐ इंसान बनानेवाले। मैं ही जननी…
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लुप्त (हिन्दी काव्य)
शिव कुमार झा ‘टिल्लू’ दड़क गए शिखर मेरु के हिलकोरें सागर की लुप्त हुईं रवि आभा जब मलिन दिखा- नीरज…
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शहीदों का सम्मान (कविता)
वेंकटेश कुमार. … न करते वो वलिदान, तो आजादी एक सपना होता ! लालकिले पर फहराता झंडा, पर नहीं वो…
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मात खाती जिंदगी (कविता)
मात खाती जिंदगी मुझसे सवाल करती है और मैं उसे यकीन दिलाता हूं उस विजय का जिसके लिए कई लोगों…
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क़स्बाई लड़कियाँ (नज्म)
खुलती हैं रफ़्ता-रफ़्ता मोहब्बत की खिड़कियाँ, कितनी हसीन होती हैं क़स्बाई लड़कियाँ। काजल भरी निगाह में शर्मो-हया के साथ, धीरे…
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लिखे थे आप पे मैंने, वही क़लाम भेजा है (कविता)
उत्तम पाल मेरी नज़र ने आपको, मेरा सलाम भेजा है, क़ुबूल है इश्क आपका, यही पयाम भेजा है। जो ख़त…
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