
मुंगेर में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे सी एम सम्राट व केंद्रीय मंत्री शिवराज
लालमोहन महाराज, मुंगेर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुंगेर के सीताकुंड स्थित बाढ़ राहत शिविर का दौरा किया। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं, भोजन कराया और फसल व संपत्ति के नुकसान के लिए मुआवजे का बड़ा ऐलान किया।
बाढ़ की मार झेल रहे मुंगेर जिले के विस्थापित परिवारों का दर्द बांटने के लिए बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान,सूबे के गन्ना उद्योग मंत्री सह मुंगेर के प्रभारी मंत्री संजय पासवान , मुंगेर विधायक कुमार प्रणय, जमालपुर विधायक नचिकेता मंडल,विधान परिषद सदस्य लालमोहन गुप्ता, जदयू जिला अध्यक्ष सौरभ निधि, लोजपा रामविलास के मुंगेर जिला अध्यक्ष प्रमोद पासवान सहित राज्य के वरीय पदाधिकारियों व नेताओं के साथ मुंगेर पहुंचे। दोनों शीर्ष नेताओं ने सदर प्रखंड अंतर्गत सीताकुंड स्थित उच्च विद्यालय में संचालित बाढ़ राहत शिविर का सघन मुआयना किया और वहां शरण लिए हुए पीड़ित परिवारों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याएं सुनीं।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने शिविर में मौजूद एक-एक पीड़ित से बातचीत कर प्रशासन द्वारा की जा रही राहत, पेयजल, स्वास्थ्य जांच और भोजन की व्यवस्था का जमीनी फीडबैक लिया। संवेदनशीलता का परिचय देते हुए दोनों नेताओं ने खुद अपनी मौजूदगी में बाढ़ पीड़ितों को भोजन भी कराया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुंगेर के सीताकुंड राहत शिविर का संयुक्त दौरा किया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ से हुए हर नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार हरसंभव कदम उठाएगी।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि फसल क्षति का कराया जा रहा है विस्तृत आकलन, किसानों को मिलेगा उचित मुआवजा
बाढ़ पीड़ितों को ढांढस बंधाते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार पूरी मजबूती के साथ प्रभावित जनता के साथ खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ के कारण आवासीय क्षेत्रों, पशुधन और निजी संपत्ति को जितनी भी क्षति हुई है, उसकी भरपाई के लिए सरकार हरसंभव और त्वरित कदम उठाएगी। सभी विस्थापित और प्रभावित परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार हर जरूरी वित्तीय व सामग्री सहायता उपलब्ध कराई जाएगी ताकि उनका जनजीवन जल्द से जल्द पटरी पर लौट सके।
फसल बर्बादी का होगा सटीक आकलन
वहीं, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दियारा और तटीय इलाकों में डूबी फसलों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों की पीड़ा को दूर करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। बाढ़ से किसानों की धान, मक्का और सब्जियों की जो फसलें बर्बाद हुई हैं, उनका कृषि विभाग के माध्यम से युद्धस्तर पर सटीक और पारदर्शी आकलन कराया जा रहा है। जैसे ही क्षति का पूरा डेटा तैयार हो जाएगा, प्रभावित किसानों के खातों में सीधे उचित मुआवजा राशि भेजी जाएगी ताकि अन्नदाताओं को आर्थिक संकट से उबारा जा सके।
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राहत स्टालों का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहत शिविर परिसर में स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण और पशुपालन विभाग की ओर से लगाए गए विभिन्न सहायता स्टालों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद प्रमंडलीय और जिला स्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों से राहत पैकेट वितरण, शुद्ध पेयजल टैंकर और दवाइयों की उपलब्धता की विस्तृत समीक्षा की।
दोनों नेताओं ने अधिकारियों को दो-टूक निर्देश दिए कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अंतिम पंक्ति में खड़े पीड़ित परिवार तक सूखा राशन, भोजन और दवाएं समय पर पहुंचनी चाहिए। निरीक्षण के उपरांत तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पटना के लिए प्रस्थान कर गए, जबकि केंद्रीय कृषि मंत्री आगे के निरीक्षण के लिए भागलपुर रवाना हुए।




