नीतीश को सबक सीखाएगा बिहार का दलित : डा. सुधांशु

आज बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल अनुजाति एवं जनजाति प्रकोष्ठ के प्रदेश पदाधिकारियों एवं जिलाध्यक्षों की बैठक पार्टी कार्यालय के सभागार में हुई। इसकी अध्यक्षता करते हुए प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डा. सुधांशु शेखर भास्कर ने कहा कि लालू जी ने शंखनाद किया है भाजपा भगाओ-देश बचाओ रैली का। इस रैली को अनुजाति एवं अनु जनजाति के लोगों की 75 प्रतिशत भागीदारी से सफल बनायेंगे। आज महागठबंधन नीतीश कुमार ने तोड़ दिया है और बिहार के आम लोगों के जनादेश के साथ विश्वासघात कर उसी मोदी की गोद में चले गये हैं जिसने उनके डीएनए को खराब कहा था। नीतीश कुमार ने इस देश को आरएसएस और भाजपा मुक्त देश बनाने की बात कहा था। लेकिन वे आज उन्हीं के पोषक बन उनके चरणों में गिर पड़े हैं। इसलिए इस रैली के माध्यम से बिहार के दलित भाजपा के साथ नीतीश को भी सबक सिखाने का काम करेगी।

डा. भास्कर ने कहा कि भाजपा आरक्षण के नाम पर मेरिट से अनु जाति/जनजाति और ओबीसी को अलग करने की नरेन्द्र मोदी की साजिश को नीतीश जी ने समर्थन दिया है। हम दलित भाजपा और नीतीश की इस नापाक साजिश को सफल नहीं होने देंगे।
बैठक को संबोधित करते हुए राजद के प्रदेश अध्यक्ष डा. रामचन्द्र पूर्वे ने स्पष्ट कहा कि नीतीश कुमार एक तरफ चम्पारण सत्याग्रह का कार्यक्रम कर गांधी की बात करते हैं तो दूसरी तरफ भाजपा की गोद में जाकर जय श्रीराम कहकर गोडसे का भी समर्थन करते हैं।
बैठक को संबोधित करते हुए राजद के प्रधान महासचिव सह विधायक मुन्द्रिका सिंह यादव ने कहा कि बिहार की बेटी मीरा कुमार का विरोध कर नीतीश कुमार ने अपना दलित विरोधी चेहरे को सामने लाने का काम किया है।  बैठक को संबोधित करते हुए राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व मंत्री अशोक कुमार सिंह ने नीतीश कुमार द्वारा अनुजाति/जनजाति के छात्र-छात्राओं की छात्रवृति बंद करना उनके दलित विरोधी मानसिकता का परिचायक है।

बैठक को संबोधित करते हुए विधायक रामानुज प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार ने भाजपा के गोद में जाकर दलित-पिछड़ों को सिर्फ धोखा ही नहीं दिया है बल्कि सामाजिक न्याय एवं धर्मनिरपेक्ष विचार धारा को समाप्त करने की साजिश की है। नीतीश कुमार ने भाजपा के साथ सरकार बनाकर जातीये जनगणना 2011 के रिपोर्ट को प्रकाशित कर उसके अनुरूप आरक्षण देने की मांग करने वाले आन्दोलन को कमजोर करने का कार्य किये हैं।

इस कार्यक्रम को प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष मिश्री राम, सुरेश पासवान, प्रो. रामचन्द्र कुमार नट, वंशलोचन राम, सहदेव रविदास, पप्पू डोम, अशोक कुमार दास, रामशरण मांझी, राधिका देवी, दिलीप कुमार दास, निर्भय अम्बेदकर, राजेन्द्र राजवंशी सहित कई नेताओं ने भी संबोधित किया।

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