किसानों के हक में हैं नये कृषि कानून: नीतीश 

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पटना। बिहार में इन दिनों परियोजनाओं की बहार आयी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक के बाद एक ताबड़तोड़ बिहार को कई परियोजनाओं की सौगात देने के साथ-साथ एक दूसरे की जमकर वाही-वाही करने में लगे हुये हैं।     इसी क्रम में पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार द्वारा 14,260 करोड़ रूपये की लागत से 350 कि.मी. लम्बी 9 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। इसके साथ ही हर गांव में ऑप्टिकल फाइबर द्वारा इंटरनेट सुविधा का शुभारंभ किया। बिहार में परियोजनाओं की शिलापट्टी लगाने के क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीएम नीतीश कुमार को लगातार बेहतर सीएम करार दे रहे है (यह दूसरी बात है कि 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान दोनों एक दूसरे के डीएनए की पड़ताल करने में लगे हुये थे) और इसके ऐवज में नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर कदम का खुले दिल और दिमाग से समर्थन कर रहे हैं।

इसी क्रम में नीतीश कुमार ने दो नये कृषि कानूनों का समर्थन करते हुये कहा है कि कृषि के क्षेत्र में आपने जो नए दो कानून बनाये हैं, यह गांव एवं किसान के हित में है। किसान जहां चाहें अपनी उपज बेच सकते हैं। वर्ष 2006 में बिहार में हमलोगों ने एपीएमसी (कृषि उपज बाजार समिति) एक्ट को समाप्त किया था।

उन्होंने आगे कहा कि राज्यसभा में कल जो कुछ हुआ है वह बहुत ही गलत है। इसकी जितनी निंदा की जाए वो कम है। एपीएमसी से काफी दिक्कत थी। बिहार में एपीएमसी एक्ट हटाते वक्त बिहार विधानमंडल में भी विपक्ष ने कुछ ऐसा ही किया था। ये लोग चर्चा से भाग गए थे। आपने पूरे देश में एपीएमसी एक्ट को हटाया है, इससे किसान पूरे देश में कहीं पर और किसी को भी अपनी उपज बेच सकते हैं। नये कानून के तहत कांट्रैक्ट फार्मिंग से किसान लाभान्वित होंगे। ये काम आम लोगों के हक में हुआ है। इसका लाभ सभी लोगों को मिलेगा। लोगों की आमदनी बढ़ेगी। इसके लिए आपको बधाई देते हैं। बिहार में पैक्स (प्राइमरी एग्रीकल्चर कॉपरेटिव सोसाइटी) के माध्यम से अनाज खरीद का क्रियान्वयन किया जाता है।

उन्होंने कहा कि बिहार में 89 प्रतिशत लोग गांव में निवास करते हैं और 76 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर हैं। बिहार की तीन चौथाई आबादी को बेहतर सड़क के कारण अपने सामानों को कहीं पर भी बेचने में आसानी होगी। पूरे देश में किसान अपना सामान बेच सकेंगे। उन्होंने कहा कि हमलोग जो भी सड़क बनवा रहे हैं उसके दोनों किनारे वृक्षारोपण करवा रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमलोग सजग हैं। पिछले दो महीने के अंदर 3 करोड़ 47 लाख वृक्ष लगाये गये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि जिन योजनाओं को शुरु किया गया है वे समय पर पूर्ण हो जाएंगी। मैं बिहार के तमाम लोगों की तरफ से सड़कों एवं पुलों के शिलान्यास के साथ-साथ ऑप्टिकल फाइबर से गांवों को जोड़ने के लिए आपको धन्यवाद देता हूं। बिहार में जिस प्रकार से विकास का काम हो रहा है उसके चलते लोगों के मन में प्रसन्नता का भाव है। लोगों को भरोसा है कि उनका एवं आने वाली पीढ़ी का भविष्य उज्ज्वल होगा।

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सदियों से इंसान बेहतरी की तलाश में आगे बढ़ता जा रहा है, तमाम तंत्रों का निर्माण इस बेहतरी के लिए किया गया है। लेकिन कभी-कभी इंसान के हाथों में केंद्रित तंत्र या तो साध्य बन जाता है या व्यक्तिगत मनोइच्छा की पूर्ति का साधन। आकाशीय लोक और इसके इर्द गिर्द बुनी गई अवधाराणाओं का क्रमश: विकास का उदेश्य इंसान के कारवां को आगे बढ़ाना है। हम ज्ञान और विज्ञान की सभी शाखाओं का इस्तेमाल करते हुये उन कांटों को देखने और चुनने का प्रयास करने जा रहे हैं, जो किसी न किसी रूप में इंसानियत के पग में चुभती रही है...यकीनन कुछ कांटे तो हम निकाल ही लेंगे।

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