‘‘सिलीकोन सीलेट’’ की लॉचिंग पर खूब नाची कांटा गर्ल

नई दिल्ली, राजू वोहरा. दिल्ली की सर्दी में जमकर नाची कांटा लगा गर्ल ‘‘शैफाली जरीवाला’’ सुपरहिट एलबम ‘‘कांटा लगा’’ और ‘‘कभी आर कभी पार’’ से सिनेप्रेमियों को अपना दिवाना बनाने वाली मशहूर बॉलीवुड आइटम गर्ल व मॉडल शैफाली जरीवाला ने लम्बे समय बाद एक बार फिर दिल्ली में लाइव परफारमेंस किया। दिल्ली के पंचतारा होटल इरोज कॉन्टिनेंटल शैफाली में दिल्ली की इस कड़ाके की ठंड़ में ‘‘कांटा लगा’’, कभी आर कभी पार’’, ‘‘मुन्नी बदनाम हुई’’, ‘‘बीड़ी जलाईले और पैसा पैसा क्या करती है’’ जैसे आधा दर्जन हिट गानों पर एक के बाद एक लाइव परफॉरम किया और लोगों को झूमने पर मजबूर किया। मौका था ‘‘एलस्टोन इंटरनेशनल’’ के नये प्रॉडक्ट ‘‘सिलीकोन सीलेट’’ की लॉचिंग का। ‘‘एलस्टोन’’ की इस लॉचिंग पर ‘‘अरमान्स इवेंट एण्ड इंटरटेनमेंट के कलाकारों ने भी अपनी परफारमेंस दी।

बॉलीवुड हस्तियों के साथ-साथ ‘‘एल्स्टोन’’ की लॉचिंग पर देश की कई प्रतिष्ठित हस्तियां भी मौजूद थी, जिसमें हल्दीराम गु्रप के चेयरमैन मनोहरलाल, पी.पी. ज्वैलर्स के चेयरमैन कमल गुप्ता, ओरिस ग्रुप के चेयरमैन विजय गुप्ता और ‘‘एलस्टोन इंटरनेशनल’’ के डायरेक्टर सुमित गुप्ता एवं पवन गर्ग मुख्य रूप से शामिल थे। बातचीत में शैफाली जरीवाला ने बताया कि वह दिल्ली में लम्बे समय के बाद परफामेंस करने आई है, खासतौर से सर्दी के इस मौसम में।

अक्षय कुमार के साथ मुझसे शादी करोगी में एक हिट आईटम सांग कर चुकी शैफाली नये साल 2011 में दो नई फिल्मों में बतौर अभिनेत्री नज़र आयेगी। जिसमें से एक फिल्म वह मशहूर निर्माता निर्देशक अनुभव सिन्हा के साथ कर रही है। जो एक सस्पेंश थ्रेलर फिल्म होगी। एक फिल्म ‘‘गंगूबाई’’ है जो एक आफ बीट फिल्म होगी। दोनों ही फिल्मों में शैफाली अलग-अलग तरह के किरदारों में नज़र आयेगी। वह भारत के साथ-साथ विदेशों में भी लगातार शोज़ कर रही है। 10 दिसम्बर 2010 को ही शैफाली बंग्लादेश (ढाका) में भी शो करके लौटी है। जिसमें शाहरुख खान ने भी परफोरम किया था। कुल मिलाकर दिल्ली की इस ढंठ में जमकर नाचीं कांटा लगा गर्ल शैफाली जरीवाला।

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सदियों से इंसान बेहतरी की तलाश में आगे बढ़ता जा रहा है, तमाम तंत्रों का निर्माण इस बेहतरी के लिए किया गया है। लेकिन कभी-कभी इंसान के हाथों में केंद्रित तंत्र या तो साध्य बन जाता है या व्यक्तिगत मनोइच्छा की पूर्ति का साधन। आकाशीय लोक और इसके इर्द गिर्द बुनी गई अवधाराणाओं का क्रमश: विकास का उदेश्य इंसान के कारवां को आगे बढ़ाना है। हम ज्ञान और विज्ञान की सभी शाखाओं का इस्तेमाल करते हुये उन कांटों को देखने और चुनने का प्रयास करने जा रहे हैं, जो किसी न किसी रूप में इंसानियत के पग में चुभती रही है...यकीनन कुछ कांटे तो हम निकाल ही लेंगे।
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